राजनीति

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव: राजेंद्र पाल गौतम बने उत्तर प्रदेश के नए प्रभारी, दलित समीकरण साधने की तैयारी

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव: राजेंद्र पाल गौतम बने उत्तर प्रदेश के नए प्रभारी, दलित समीकरण साधने की तैयारी

​नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने राज्य संगठन में एक बहुत बड़ा फेरबदल किया है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम को यूपी कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उन्हें अविनाश पांडे की जगह यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​दलित समाज से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम कांग्रेस में शामिल होने से पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और महज दो साल पहले ही वे कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके अलावा कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा और अपने अग्रिम संगठन ‘सेवा दल’ में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं।

​राजेंद्र पाल गौतम को क्यों मिली यूपी की कमान?

​सूत्रों के मुताबिक, राजेंद्र पाल गौतम को राहुल गांधी की बेहद करीबी और पसंदीदा नेताओं में गिना जाता है। साल भर पहले ही उन्हें कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग का प्रमुख बनाया गया था। अब उन्हें यूपी का प्रभारी बनाए जाने के पीछे कांग्रेस की एक गहरी सियासी रणनीति छिपी है:

​मायावती के वोट बैंक पर नजर: कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की कमजोर होती सियासी जमीन का फायदा उठाकर कांग्रेस दलित वोटर्स के बीच मजबूत पकड़ बना सकती है।

​कांशीराम की विरासत: राहुल गांधी दलित राजनीति में मान्यवर कांशीराम की विरासत को कांग्रेस के पाले में लाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं और गौतम इस रणनीति में फिट बैठते हैं।

​गठबंधन की कोशिशें: राजेंद्र पाल गौतम अक्सर बसपा प्रमुख मायावती के प्रति उदार रुख अपनाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लखनऊ में मायावती के आवास पर जाकर उनसे मिलने का प्रयास भी किया था, जिसे बसपा के साथ गठबंधन की कोशिश के तौर पर देखा गया। हालांकि, इस कदम से कांग्रेस की मौजूदा सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) कुछ असहज नजर आई थी।

​यूपी में नया सामाजिक समीकरण बनाने की कवायद

​उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन है। वर्तमान में अगड़ी जाति से आने वाले अजय राय यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। अब दलित चेहरे के रूप में राजेंद्र पाल गौतम की एंट्री कराकर कांग्रेस राज्य में ‘अगड़ा-दलित’ समीकरण को मजबूत करना चाहती है। कांग्रेस की कोशिश है कि समाजवादी पार्टी के पिछड़े और अल्पसंख्यक (MY) वोट बैंक के साथ अगर कांग्रेस का यह परंपरागत वोट बैंक जुड़ जाता है, तो गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में आ जाएगा।

​नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद अब कांग्रेस जल्द ही समाजवादी पार्टी के साथ आगामी चुनाव के लिए सीट बंटवारे (Seat Sharing) पर औपचारिक चर्चा शुरू करेगी।

​संगठन में हुए अन्य बड़े बदलाव

​कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों के प्रभारियों को भी बदला है:

​हरियाणा: कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद को हरियाणा के प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह पार्टी के राष्ट्रीय सचिव संजय दत्त को हरियाणा का नया प्रभारी बनाया गया है।

​ओडिशा: अजय कुमार लल्लू को ओडिशा के प्रभारी पद से हटाकर उनकी जगह लालजी देसाई को ओडिशा कांग्रेस की कमान सौंपी गई है।

​कांग्रेस सेवा दल: यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकप्रिय युवा नेता श्रीनिवास बीवी को एक बड़ी जिम्मेदारी देते हुए कांग्रेस सेवा दल का नया प्रमुख (चीफ) नियुक्त किया गया है। उन्हें लालजी देसाई के स्थान पर यह जिम्मेदारी मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *