पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: ‘ब्लेम गेम’ में उलझे सिया और चेतन, जानें हत्या की खौफनाक साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी
पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: ‘ब्लेम गेम’ में उलझे सिया और चेतन, जानें हत्या की खौफनाक साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी
पुणे: “अगर शादी नहीं करनी थी तो भाग क्यों नहीं गई, मार क्यों दिया?” यह वो सवाल है जो इस समय पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर हर किसी के जेहन में उठ रहा है। करोड़ों की संपत्ति के मालिक और बेहद केयरिंग मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन के बीच अब पुलिस कस्टडी में एक-दूसरे पर दोष मढ़ने का ‘ब्लेम गेम’ शुरू हो चुका है।
यह मामला एक बार फिर समाज में रिश्तों और भरोसे के कत्ल की उन पुरानी यादों को ताजा करता है, जैसा कुछ समय पहले शिलॉन्ग में सोनम द्वारा राजा रघुवंशी की हत्या या मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरव राजपूत मर्डर केस में देखा गया था।
सिया का कबूलनामा: केतन से सगाई तोड़ना चाहती थी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिया गोयल ने पूछताछ में कुबूल किया है कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। वह काफी समय से चेतन के साथ रिलेशनशिप में थी और केतन के साथ अपनी तय शादी को तोड़ना चाहती थी।
सिया ने पुलिस के सामने दावा किया है कि उसने केतन को शादी से इनकार भी किया था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था। सिया के मुताबिक:
”केतन ने मुझसे कहा था कि उसका परिवार बहुत रसूखदार है और मैं भागकर भी इस शादी से नहीं बच पाऊंगी।”
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुरुआत में सिया और चेतन दोनों भागकर शादी करने की योजना बना रहे थे। लेकिन ऐन मौके पर अपने परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी के डर से सिया पीछे हट गई। जब शादी तोड़ने का कोई और रास्ता नहीं सूझा, तो दोनों ने मिलकर हत्या का खौफनाक रास्ता चुन लिया।
कस्टडी खत्म होने से पहले आरोपियों में ‘ब्लेम गेम’
केतन की हत्या का राज खुलने के बाद अब दोनों आरोपी खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे पर साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं:
चेतन का दावा: पूछताछ में चेतन ने कहा कि वह केतन को मारना नहीं चाहता था, वह सिर्फ सिया को लेकर भागना चाहता था। चेतन का आरोप है कि सिया ने ही उस पर हत्या करने का दबाव बनाया और पूरा मर्डर प्लॉट तैयार किया।
सिया का पलटवार: इसके विपरीत, सिया ने सारा दोष चेतन के सिर मढ़ते हुए जांचकर्ताओं से कहा है कि केतन की हत्या की पूरी साजिश चेतन के ही शातिर दिमाग की उपज थी।
पुलिस का अगला कदम
पुणे पुलिस का साफ कहना है कि दोनों आरोपी कानून के शिकंजे और गंभीर सजा से बचने के लिए यह “ब्लेम गेम” खेल रहे हैं। दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 29 जून को खत्म हो रही है। कस्टडी की अवधि समाप्त होने से पहले पुलिस पुख्ता वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य सबूतों (Circumstantial Evidence) की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों की पूरी कोशिश यह साबित करने की है कि केतन अग्रवाल की बेरहमी से की गई इस हत्या की वारदात में दोनों आरोपी बराबर के भागीदार थे।
रिश्तों में पनपती हिंसक मानसिकता का बड़ा सवाल
यह घटना केवल महिलाओं द्वारा उठाए गए कदम तक सीमित नहीं है; समाज में पुरुषों द्वारा भी पत्नियों या प्रेमिकाओं की हत्या की कई खौफनाक कहानियां सामने आती रही हैं। मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों के अनुसार, जब रिश्तों में संवाद पूरी तरह खत्म हो जाता है और सामाजिक प्रतिष्ठा या अहंकार आड़े आ जाता है, तो लोग अलग होने के बजाय अपराध का रास्ता चुन लेते हैं। केतन मर्डर केस ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किसी के साथ न रहने का फैसला एक जिंदगी को खत्म करके ही क्यों लिया जाता है।
