महाराष्ट्र में बढ़ा एकनाथ शिंदे का रुतबा: मोदी कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट, संभावित मंत्रियों के नामों की चर्चा तेज
महाराष्ट्र में बढ़ा एकनाथ शिंदे का रुतबा: मोदी कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट, संभावित मंत्रियों के नामों की चर्चा तेज
मुंबई/दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे एक बार फिर बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के 6 सांसदों को अपने पाले में शामिल करने के बाद राज्य में तो उनका सियासी कद बढ़ा ही है, अब दिल्ली के सत्ता गलियारों में भी उनके रुतबे में भारी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.
चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में होने वाले आगामी फेरबदल में एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेताओं को बड़ा मौका मिल सकता है. इन चर्चाओं और कयासों के बीच शिंदे गुट के चार प्रमुख सांसदों—डॉ. श्रीकांत शिंदे, ओमराजे निंबालकर, श्रीरंग अप्पा बारणे और चंद्रहार पाटिल ने तिरुपति बालाजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी इस समय महाराष्ट्र में क्षेत्रीय ‘पावर बैलेंस’ (शक्ति संतुलन) बनाने के साथ-साथ संसद में भी अपने समीकरणों को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी कड़ी में मोदी सरकार में शिवसेना के अलावा एनसीपी (NCP) और बीजेपी के भी कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है.
केंद्रीय कैबिनेट में महाराष्ट्र से इन चेहरों को मिल सकता है मौका
मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार में महाराष्ट्र के जिन नेताओं की लॉटरी लग सकती है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
डॉ. श्रीकांत शिंदे (शिवसेना): उद्धव गुट के 6 सांसदों को एनडीए (NDA) में शामिल कराने के इनाम के तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.
ओमराजे निंबालकर और संजय दीना पाटिल (शिवसेना): पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल होने वाले इन प्रमुख नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की प्रबल संभावना है.
पार्थ पवार (NCP): अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की तरफ से पार्थ पवार को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.
विनोद तावड़े (BJP): बीजेपी संगठन में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को इस बार दिल्ली की सरकार में एंट्री मिल सकती है.
कैबिनेट से कट सकता है इन मंत्रियों का पत्ता
गठबंधन और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की इस कवायद में महाराष्ट्र के कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होने या उन्हें संगठन में भेजे जाने की भी अटकलें हैं:
प्रतापराव जाधव (शिवसेना)
मुरलीधर मोहोल (BJP)
रक्षा खडसे (BJP)
बीजेपी की इस नई रणनीति का मुख्य उद्देश्य आगामी समय के लिए सांगठनिक और संसदीय समीकरणों को पूरी तरह अपने पक्ष में करना है. यही वजह है कि नए चेहरों को मौका देकर और कुछ पुराने चेहरों को संगठन में वापस भेजकर सत्ता और संगठन दोनों में संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
