ऑपरेशन सिंदूर: पहली बार आधिकारिक तौर पर सामने आए शहीद हुए 6 जांबाज सैनिकों के नाम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर हुए दर्ज
ऑपरेशन सिंदूर: पहली बार आधिकारिक तौर पर सामने आए शहीद हुए 6 जांबाज सैनिकों के नाम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर हुए दर्ज
नई दिल्ली: मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक अपडेट सामने आया है। इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना के 6 जांबाज सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए हैं। इन वीर शहीदों के नामों को नई दिल्ली स्थित ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ (National War Memorial) की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज किया गया है।
सरकार या सेना की ओर से इस ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों की संख्या या पहचान को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर इन नामों का प्रकाशन ही इस बात की पहली आधिकारिक पुष्टि है कि भारत ने इस ऑपरेशन के दौरान अपने छह जांबाजों को खोया था।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर दर्ज हुए ये नाम
नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ (Roll of Honour) सेक्शन में जिन 6 अमर शहीदों के नामों को शामिल किया गया है, वे निम्नलिखित हैं:
सूबेदार मेजर पवन कुमार
हवलदार सुनील कुमार सिंह
लांसनायक दिनेश कुमार
रायफलमैन सुनील कुमार
एवी मूद मुरलीनायक
सुरेंद्र कुमार
युद्ध स्मारक के इस ‘रोल ऑफ ऑनर’ सेक्शन में अब तक देश के कुल 26,626 शहीदों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें साल 1947-48 में पाकिस्तान के साथ हुए पहले युद्ध से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक, देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले हर सैनिक का विवरण मौजूद है।
क्यों शुरू हुआ था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि साल 2025 की शुरुआत में तैयार हुई थी:
पहलगाम आतंकी हमला: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस कायराना हमले में 26 आम नागरिकों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश देश-विदेश से आए पर्यटक थे।
भारत का कड़ा प्रहार: इस आतंकी हमले के ठीक दो हफ्ते बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई 2025 की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की।
आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले: भारतीय सेना ने सीमा पार पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला। सेना ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के नौ प्रमुख ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तबाह कर दिया।
4 दिनों तक चला था संघर्ष
भारत की इस आक्रामक और सटीक कार्रवाई से घबराकर पड़ोसी देश पाकिस्तान ने युद्धविराम की गुहार लगाई थी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह भीषण संघर्ष करीब चार दिनों तक चला। आखिरकार, 10 मई 2025 को दोनों देश अपनी-अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए थे।
इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सैनिकों के हताहत होने को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब इन 6 वीरों के नाम सामने आने के बाद देश को अपने उन सपूतों के बारे में पता चला है जिन्होंने पाकिस्तान की धरती पर घुसकर आतंकवाद को कड़ा सबक सिखाया और वीरगति प्राप्त की।
