ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के बीच तनाव: होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमला, UN ने रोकी निकासी योजना
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के बीच तनाव: होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमला, UN ने रोकी निकासी योजना
दुबई: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के दौरान फारस की खाड़ी में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा जहाजों को बिना मंजूरी होर्मुज रास्ते का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद, वहाँ से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमला कर दिया गया। इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की समुद्री एजेंसी ‘इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन’ (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपनी योजना को फिलहाल रोक दिया है।
एजेंसी के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने स्पष्ट किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह उनकी आधिकारिक निकासी सूची का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि जहाजों को बाहर निकालने का काम तब तक रुका रहेगा, जब तक इलाके में पूर्ण सुरक्षा की गारंटी पक्की नहीं हो जाती। इस बीच, ब्रिटेन के एक नौसैनिक समूह ने भी पुष्टि की है कि हमले के दौरान कई मालवाहक जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जुबानी जंग
इस हमले और जारी शांति वार्ता के बीच वैश्विक नेताओं के बड़े बयान सामने आए हैं:
डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति): अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बोलते हुए कहा, “ईरान पहले ही घंटे में परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता था; लेकिन अब वे इसे हासिल नहीं करने की बात पर सहमत हो गए हैं।”
ईरान की इजरायल को चेतावनी: जहाज पर हमले के बीच ईरान ने इजरायल को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा, “लेबनान छोड़ो, वरना बेहद शर्मनाक हार का सामना करने के लिए तैयार रहो।”
ईरान ने खारिज किया ट्रंप का विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की अनफ्रीज (जब्त से मुक्त) की गई संपत्ति का इस्तेमाल अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए करने के विचार को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा:
”अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी अनफ्रीज़ की गई संपत्ति से उनके कृषि उत्पाद खरीदे जाएंगे। यह दिलचस्प है। हम तो बस वही फसल काट रहे हैं जो आपने बोई थी: दशकों का अविश्वास।”
”किसी भी कीमत पर समझौता मंजूर नहीं” — अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को बहरीन में एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया कि अमेरिका ईरान के साथ तनाव कम करने और युद्ध खत्म करने के लिए समझौता तो चाहता है, लेकिन यह “किसी भी कीमत पर” नहीं होगा। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा टोल या फीस लगाने के प्रयास का कड़ा विरोध किया।
रुबियो ने शब्दों के खेल पर निशाना साधते हुए कहा, “आप इसे टोल कहें, फ़ीस कहें या कुछ भी कहें, यह केवल शब्दों का खेल है। यह किसी भी समझौते की मंजूर करने लायक शर्त कभी नहीं हो सकती।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज ईरान को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूलने की इजाजत दी गई, तो दुनिया के अन्य देशों को भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कब्जा करने से कोई नहीं रोक पाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार में पूरी तरह से ‘अफरा-तफरी’ मच जाएगी।
