गोमती रिवर फ्रंट को लेकर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, कहा- “यह घोटालों के खुलासे का पार्ट-1 है”
गोमती रिवर फ्रंट को लेकर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, कहा- “यह घोटालों के खुलासे का पार्ट-1 है”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश सरकार के कार्यकाल के दौरान बनी ‘गोमती रिवर फ्रंट परियोजना’ को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट का पूरा बजट ठिकाने लगा दिया गया, लेकिन जमीन पर काम सिर्फ 60 प्रतिशत ही पूरा हो सका।
सुभासपा प्रमुख ने इसे अपने खुलासों का ‘पार्ट-1’ करार देते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में वह अखिलेश सरकार के कथित घोटालों की एक-एक फाइल जनता के सामने रखेंगे।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना, ‘सैफई परिवार’ पर लगाए आरोप
ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
”गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए। यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ।”
राजभर ने आगे लिखा कि अखिलेश यादव को लगा था कि वह दोबारा सत्ता में आकर अपनी ‘चोरी’ छिपा लेंगे, लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था और घोटालेबाजों की सरकार हार गई। उन्होंने इसे अखिलेश राज के भ्रष्ट कारनामों का महज एक नमूना बताया।
”जेल में न एसी मिलेगा, न ट्विटर”
राजभर ने दावा किया कि वह पूरी तैयारी के साथ बैठे हैं और विपक्ष के सारे चिट्ठे एक-एक कर खोलेंगे। उन्होंने जांच एजेंसियों का जिक्र करते हुए कहा, “मैं पूरी फाइल लेकर बैठा हूं। संस्थाएं और एजेंसियां गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वे ऐसा करेंगी भी। थोड़ा धीरज रखें, जेल में न एसी मिलेगा, न ट्विटर होगा और न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) कर पाएंगे।”
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ओम प्रकाश राजभर लगातार सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमलावर हैं, लेकिन ‘नोटबंदी’ और ‘अतीक अहमद के काले धन’ के कनेक्शन को जोड़कर किया गया यह ताजा हमला उत्तर प्रदेश की सियासत में नया उबाल ले आया है।
