अजमेर में सरकारी नाले और ADA की जमीनों पर कब्जा कर करोड़ों का घोटाला, ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ पर जांच के आदेश
अजमेर में सरकारी नाले और ADA की जमीनों पर कब्जा कर करोड़ों का घोटाला, ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ पर जांच के आदेश
अजमेर: राजस्थान के अजमेर शहर में सरकारी तंत्र और अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) की नाक के नीचे करोड़ों रुपये के एक बड़े जमीन घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चाचियावास क्षेत्र में विकसित किए जा रहे ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी नाले और एडीए की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है।
अजमेर स्मार्ट सिटी के तहत बने ‘सेवन वंडर पार्क’ को आनासागर झील के बफर जोन में अवैध निर्माण के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जमींदोज किया जा चुका है। इस बड़ी नजीर के बावजूद एडीए के अधिकारी इस नए अवैध प्रोजेक्ट के सामने लंबे समय तक मूकदर्शक बने रहे।
नाले को ‘लेक’ बताकर ग्राहकों से छलावा: ऐसे बदला स्वरूप
करीब 96,000 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैले इस प्रोजेक्ट का 60 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। ग्राहकों को एडीए से स्वीकृत नक्शे का झांसा देकर धड़ल्ले से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। प्रोजेक्ट को प्रीमियम लुक देने के लिए कॉलोनाइजर ने सरकारी जलस्रोत का स्वरूप ही बदल दिया है:
नाले के बीच बनाया अवैध आइलैंड: करीब 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले सरकारी नाले (खसरा संख्या 2069) के बीचों-बीच मिट्टी का बड़ा टीला डालकर एक अवैध ‘आइलैंड’ खड़ा कर दिया गया है, जबकि बहाव क्षेत्र में ऐसा निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।
पाइप डालकर बना दी पक्की सड़क: पानी के प्राकृतिक बहाव को रोकने के लिए नाले पर बिना आरसीसी (RCC) पुलिया बनाए, महज सीमेंट के पाइप डालकर उसके ऊपर पक्की सड़क बना दी गई।
बफर जोन का उल्लंघन: नियमों के मुताबिक नाले के बहाव क्षेत्र से 9 मीटर का बफर जोन खाली रखना अनिवार्य था, लेकिन कॉलोनाइजर ने वहां पक्का पाथ-वे (रास्ता), लोहे की पुलिया और रेलिंग खड़ी कर दी है।
8,100 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर चारदीवारी: कॉलोनाइजर ने एडीए के नाम दर्ज खसरा संख्या 2068 की 1000 वर्ग मीटर और खसरा संख्या 2088 की 7100 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को अपनी निजी जमीन के साथ अवैध चारदीवारी और मुख्य द्वार के भीतर कैद कर लिया है।
इन अधिकारियों की निगरानी में पास हुआ था नक्शा
इस विवादित प्रोजेक्ट का ले-आउट प्लान और नक्शा एडीए के ही जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी और हस्ताक्षर से पास किया गया था। इस सूची में शामिल हैं:
भरतराज गुर्जर (RAS), उपायुक्त नॉर्थ, एडीए
मुकेश मित्तल, डायरेक्टर (प्लान), एडीए
सुनीता, तहसीलदार, एडीए
अनुराग मिश्रा, उप-नगर नियोजक, एडीए
सुनीता जाटव, भू-अभिलेख निरीक्षक, एडीए
मनोज कुमार, जेईएन, एडीए
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन: खरीद से लेकर रेरा रजिस्ट्रेशन तक
यह प्रोजेक्ट मैसर्स जी.एस. ड्रीम होम एलएलपी के अधिकृत प्रतिनिधि मुकेश कुमार द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसकी विकास यात्रा इस प्रकार रही है:
18 अगस्त 2023: मूल खातेदारों से जमीन की खरीद की गई।
09 अक्टूबर 2023: कृषि भूमि का आवासीय उपयोग के लिए 90-A (लैंड यूज़ डायवर्जन) कराया गया।
18 सितंबर 2024: अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा ले-आउट प्लान पास किया गया।
20 दिसंबर 2024: रेरा (RERA) से प्रोजेक्ट को आधिकारिक रजिस्ट्रेशन मिला। रेरा के अनुसार प्रोजेक्ट पूरा करने की समय-सीमा 16 सितंबर 2027 तय की गई है।
पक्ष और जांच का आश्वासन
”प्रोजेक्ट का पूरा काम एडीए से स्वीकृत नक्शे और तय नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है। इसमें किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं है।”
– पवित्र कोठारी, प्रोजेक्ट प्रतिनिधि
”मामले की गंभीरता और शिकायत को देखते हुए ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ की विस्तृत और तकनीकी जांच करवाई जाएगी। यदि जांच में नियमों के विरुद्ध निर्माण या सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
– जयपाल सिंह राठौड़, डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ), अजमेर विकास प्राधिकरण
