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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, लेबर पार्टी के भीतर असंतोष के बाद लिया फैसला

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, लेबर पार्टी के भीतर असंतोष के बाद लिया फैसला

​लंदन: ब्रिटेन के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। ब्रिटिश मीडिया के अनुसार, यूके की विदेश सचिव येवेट कूपर द्वारा सोमवार को पद छोड़ने की सलाह दिए जाने के बाद स्टार्मर ने यह बड़ा कदम उठाया। इसके साथ ही स्टार्मर पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सातवें व्यक्ति बन गए हैं।

​पार्टी के भीतर खोया विश्वास, ‘अन्ना’ की तरह संभाला था मोर्चा

​स्काई न्यूज के मुताबिक, कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि वह प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ लेबर पार्टी के नेता का पद भी छोड़ देंगे। उन्होंने स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी अब यह नहीं मानती कि वह अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं। स्टार्मर के सबसे सीनियर मंत्रियों में शामिल विदेश सचिव येवेट कूपर ने पिछले हफ्ते के अंत में उन्हें निजी तौर पर यह संदेश दे दिया था।

​अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कीर स्टार्मर ने कहा:

​”मैंने जो भी फैसले लिए, वे हमेशा देश को सबसे पहले रखने की इच्छा से लिए थे। मैंने अपनी पार्टी का जवाब सुन लिया है और मैं उस फैसले को खुशी-खुशी स्वीकार करता हूं।”

​स्टार्मर ने देश में सत्ता का सुचारू और सही तरीके से बदलाव सुनिश्चित करने का वादा किया है। वह लेबर पार्टी के अगले नेता और नए प्रधानमंत्री के चुने जाने तक इस पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।

​बंपर जीत से विवादों और नीतिगत ‘यू-टर्न्स’ तक का सफर

​महज दो वर्ष पहले कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी को 174 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक ऐतिहासिक और बंपर चुनावी जीत दिलाई थी। उस समय इसे लेबर पार्टी की एक निर्णायक राजनीतिक वापसी माना गया था। हालांकि, उनका कार्यकाल लगातार विवादों और नीतिगत बदलावों के कारण भारी दबाव में रहा:

​नीतिगत यू-टर्न्स: बुजुर्गों के लिए ‘विंटर फ्यूल’ भुगतान में कटौती से जुड़े फैसले ने सरकार की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया।

​विवादास्पद नियुक्तियां: वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले पर पार्टी के भीतर और बाहर तीखे सवाल खड़े हुए।

​इन विवादों के कारण हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की स्थिति कमजोर हुई और प्रधानमंत्री स्टार्मर की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी तेजी से गिरी। इसी बीच, ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी लगातार 300 से अधिक राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में बढ़त बनाए हुए है, जिससे लेबर पार्टी के भीतर आगामी चुनावों को लेकर डर का माहौल बन गया।

​एंडी बर्नहैम रेस में सबसे आगे, “मैनचेस्टरिज्म” मॉडल पर चर्चा

​पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि यदि नेतृत्व में तुरंत बदलाव नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में ‘रिफॉर्म यूके’ के दक्षिणपंथी नेता नाइजल फैराज के सत्ता में आने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। इसी वजह से पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है, जिसमें एंडी बर्नहैम का नाम प्रधानमंत्री की रेस में सबसे ऊपर चल रहा है।

​कौन हैं एंडी बर्नहैम: 56 वर्षीय एंडी बर्नहैम इससे पहले ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में कार्यरत थे, जो ब्रिटेन का एक बड़ा आर्थिक केंद्र है। हाल ही में उन्होंने उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार को करारी शिकस्त देकर अपनी ताकत साबित की है।

​क्या है “मैनचेस्टरिज्म” दृष्टिकोण: बर्नहैम को अब लेबर पार्टी के भीतर एक ऐसे मजबूत चेहरे के रूप में देखा जा रहा है, जो ब्रिटेन की डगमगाती अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। उनके समर्थक उनके इस आर्थिक विज़न को “मैनचेस्टरिज्म” का नाम दे रहे हैं। यह मॉडल मैनचेस्टर के तीव्र आर्थिक विकास और शहरी पुनर्निर्माण के सफल अनुभवों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक असमानताओं को कम करना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

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