उत्तराखंड: कर्णप्रयाग हिंसा और बदहाल सड़कों पर घिरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, यूकेडी कार्यकर्ताओं ने किया घेराव
उत्तराखंड: कर्णप्रयाग हिंसा और बदहाल सड़कों पर घिरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, यूकेडी कार्यकर्ताओं ने किया घेराव
मोहनखाल/चमोली: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प और पोखरी क्षेत्र की खस्ताहाल सड़क व्यवस्था को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। इन ज्वलंत मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने मोहनखाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट का जोरदार घेराव किया। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को रोककर राज्य की कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को लेकर कड़े सवाल पूछे और उनसे सीधे जवाब मांगा।
”जनता मांग रही सड़क, सुरक्षा और सम्मान”: यूकेडी
यूकेडी के वरिष्ठ नेता बीरू सजवाण के नेतृत्व में पहुंचे एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सामने दो मुख्य मुद्दे प्रमुखता से उठाए:
कर्णप्रयाग हिंसक घटना: बीरू सजवाण ने कहा कि कर्णप्रयाग में स्थानीय निवासियों पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया, जो देवभूमि की शांत फिजा को बिगाड़ने की साजिश है। इस सुरक्षा चूक पर सरकार को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बदहाल सड़कें: कार्यकर्ताओं ने पोखरी क्षेत्र की जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आए दिन इन मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, लेकिन शासन-प्रशासन मौन है।
सजवाण ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “आज उत्तराखंड की जनता अपनी बुनियादी जरूरतों— सड़क, सुरक्षा और सम्मान की मांग कर रही है। राज्य में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार है, इसलिए इन मुद्दों पर उनकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।”
”पहले चुनाव जीतो, फिर विकास करो” की कथित टिप्पणी पर भड़के कार्यकर्ता
यूकेडी नेताओं का दावा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल बेहद शांतिपूर्ण तरीके से केवल जनसमस्याओं और कर्णप्रयाग की घटना पर अपनी बात रखने पहुंचा था। कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब उन्होंने विकास कार्यों और सुरक्षा पर सवाल किए, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कथित रूप से भड़क गए और उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “पहले चुनाव लड़ो, जीतो और तब विकास करो।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की इस कथित टिप्पणी से यूकेडी कार्यकर्ता बेहद आक्रोशित हो गए। कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता ने भाजपा को चुनकर सत्ता सौंपी है, ऐसे में जनता की समस्याओं का समाधान करना सरकार का कर्तव्य है। विपक्ष या आम जनता जब सवाल पूछती है, तो सत्ताधारी दल के शीर्ष नेताओं का इस तरह भड़कना और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना उनके अहंकार को दर्शाता है।
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
महेंद्र प्रसाद भट्ट के घेराव के दौरान यूकेडी के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय महामंत्री सुबोध बिष्ट, जिला महामंत्री भारत सिंह कुंवर, जिला मीडिया प्रभारी राजेश्वरी बर्त्वाल, युवा अध्यक्ष (पोखरी) लक्ष्मण नेगी, धर्मेंद्र फरस्वाण, गिरीश नेगी, बबिता देवी, सपना देवी और दमयंती देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे। यूकेडी ने चेताया है कि यदि पोखरी की सड़कों का सुदृढ़ीकरण जल्द नहीं हुआ और कर्णप्रयाग हिंसा के दोषियों पर निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।
सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की थी सीएम धामी से मुलाकात
गौरतलब है कि इस सियासी घेराव से ठीक एक दिन पहले, कर्णप्रयाग विवाद को लेकर सिख समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। सिख समाज के नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने पक्ष रखते हुए कहा था कि इस स्थानीय घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बेहद भ्रामक, सांप्रदायिक और झूठा प्रचार फैलाया जा रहा है। उन्होंने सीएम धामी से इस भ्रामक नैरेटिव पर तुरंत रोक लगाने और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ साइबर सेल के जरिए कड़ा एक्शन लेने की मांग की थी।
