Saturday, June 20, 2026
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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘रन फॉर योगा’ को दिखाई हरी झंडी; रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ कूटनीतिक बैठक में रेल नेटवर्क विस्तार पर चर्चा

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘रन फॉर योगा’ को दिखाई हरी झंडी; रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ कूटनीतिक बैठक में रेल नेटवर्क विस्तार पर चर्चा

​देहरादून: उत्तराखंड में आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां और बुनियादी ढांचे का विकास दोनों ही स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून की पुलिस लाइन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘रन फॉर योगा’ (Run for Yoga) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में आए एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य में रेल अवसंरचना (Railway Infrastructure) के विस्तार और भविष्य की रेल परियोजनाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

​’रन फॉर योगा’: स्वस्थ समाज और योग को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

​पुलिस लाइन में आयोजित दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ खुद कार्यक्रम का हिस्सा बनते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह आयोजन महज एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त अभियान है।

​वैश्विक पहचान का जिक्र: सीएम ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों से साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मान्यता दी, जिसे आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में अपनाया जा चुका है।

​उत्तराखंड की नई योग नीति: देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद और वेलनेस चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नई योग नीति के जरिए योग प्रशिक्षकों को सहयोग और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

​उत्तराखंड रेल प्रोजेक्ट्स पर हाई-लेवल मीटिंग: ‘ऋषिकेश-कर्णप्रयाग’ रेल परियोजना समय पर होगी पूरी

​योग कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार और राज्य सरकार के आला अधिकारियों (सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी) के बीच कड़ा संवाद हुआ। इस बैठक में राज्य की सामरिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की समीक्षा की गई:

​ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना: सीएम धामी ने इस सामरिक परियोजना को समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया। यह रेल लाइन चारधाम यात्रा (विशेषकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम) पर आने वाले श्रद्धालुओं के सफर को सुरक्षित और आधुनिक बनाएगी।

​टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन: बैठक में इस परियोजना की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि इसका विस्तृत सर्वेक्षण और डीपीआर (DPR) तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए अपेक्षा की कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर जमीन पर ठोस और दृश्यमान प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

​भविष्य की अन्य रेल लाइनें: क्षेत्रीय संतुलन और कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘कर्णप्रयाग-बागेश्वर’ रेल लाइन तथा ‘किच्छा-खटीमा’ रेल लाइन परियोजनाओं पर भी तेजी से आगे बढ़ने का आग्रह किया।

​कुंभ, कांवड़ मेला और प्रमुख रेलवे स्टेशनों का होगा आधुनिकीकरण

​उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प पर विशेष रणनीति बनाई गई:

​प्रमुख प्रवेश द्वारों का विकास: गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और कुमाऊँ मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

​मेला स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर: आगामी कुंभ और कांवड़ मेलों के मद्देनजर हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की स्टेशनों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष बुनियादी ढांचा विकसित करने पर बल दिया गया।

​हरिद्वार-देहरादून डबलिंग प्रोजेक्ट: मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को जल्द से जल्द ‘डबल लाइन’ में तब्दील करने की आवश्यकता बताई ताकि ट्रेनों की लेटलतीफी कम हो और आवागमन सुगम हो सके।

​रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में तय किए गए सभी बिंदुओं पर रेलवे पूरी गंभीरता और त्वरित गति के साथ कार्य करेगा, जिससे उत्तराखंड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

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