फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिकी यात्रा पाबंदियों से भड़का ईरान, फीफा से आधिकारिक शिकायत करने का किया फैसला
फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिकी यात्रा पाबंदियों से भड़का ईरान, फीफा से आधिकारिक शिकायत करने का किया फैसला
लॉस एंजिल्स: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान अमेरिका द्वारा ईरानी टीम पर लगाई गई सख्त यात्रा पाबंदियों (Travel Restrictions) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने इन नियमों पर गहरी निराशा और नाराजगी जताते हुए इस मामले की शिकायत आधिकारिक तौर पर फुटबॉल की वैश्विक गवर्निंग बॉडी ‘फीफा’ (FIFA) से करने का फैसला किया है।
लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने शुरुआती मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टीम पर लागू किए गए वीज़ा नियमों के कारण खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में भारी असंतोष है।
क्या हैं वीजा की सख्त शर्तें?
कड़े वीजा नियमों के तहत ईरान के खिलाड़ियों को उनके आगामी मैचों के लिए मुकाबला शुरू होने से केवल एक दिन पहले ही अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति दी गई है। इतना ही नहीं, मैच समाप्त होते ही उसी दिन उन्हें अमेरिका की सीमा छोड़नी होगी।
ईरान का अगला मुकाबला बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ होना है। फेडरेशन का मानना है कि इतनी सख्त और थका देने वाली शर्तों के बीच खिलाड़ियों को रिकवरी का समय नहीं मिलेगा, जो बेल्जियम के खिलाफ मैच में टीम के प्रदर्शन के लिए घातक साबित हो सकता है।
”सभी टीमों को समान माहौल देने के नियम का उल्लंघन”
ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। फेडरेशन ने कहा:
”हमारा स्पष्ट मानना है कि इस तरह की पाबंदियां फीफा के उस बुनियादी नियम के खिलाफ हैं जो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को एक समान और निष्पक्ष माहौल (Equal Environment) देने की बात करता है। इन पाबंदियों से हमारी टीम की तैयारियों की पूरी प्रक्रिया पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। फेडरेशन इस मामले में अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर करेगा और उचित कानूनी व प्रशासनिक तरीकों से फीफा के समक्ष अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएगा।”
हालांकि, फेडरेशन ने यह भी साफ किया कि इन तमाम प्रशासनिक दिक्कतों और बाधाओं के बावजूद नेशनल टीम अपनी तैयारी जारी रखेगी और बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले पर पूरा फोकस बनाए रखेगी।
सबसे ज्यादा मानसिक दबाव में है ईरानी टीम: कोच
इससे पहले, ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने अमेरिकी प्रशासन के रवैये पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा था कि उनकी टीम इस समय पूरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा दबाव और मानसिक तनाव से गुजर रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच घालेनोई ने दर्द बयां करते हुए कहा था:
”हमें मैच से दो रात पहले मेजबान देश पहुंचने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, लेकिन हमें इसकी इजाजत नहीं मिली। मैच खत्म होते ही अचानक हमें बताया गया कि हमें तुरंत लॉस एंजिल्स से मेक्सिको वापस लौटना होगा। हमें तुरंत फ्लाइट पकड़कर तिजुआना स्थित हमारे कैंप में वापस जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस तरह के बर्ताव से हम बेहद परेशान हैं। ऐसा लगता है कि जानबूझकर हमारे लिए हालात मुश्किल बनाए जा रहे हैं, लेकिन हम इन दिक्कतों को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आड़े नहीं आने देंगे।”
कोच ने आगे कहा कि इस बड़े टूर्नामेंट में उनके फेडरेशन के पदाधिकारी, उनका घरेलू मीडिया और मैनेजमेंट भी उनके साथ मौजूद नहीं है, जिससे टीम पूरी तरह अकेली पड़ गई है। अब देखना यह होगा कि इस राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध के बीच फीफा इस मामले में क्या हस्तक्षेप करता है।
