Saturday, June 20, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर: स्विट्ज़रलैंड वार्ता टलने के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह फिर युद्धविराम पर सहमत; अमेरिका-ईरान ने निभाई भूमिका

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर: स्विट्ज़रलैंड वार्ता टलने के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह फिर युद्धविराम पर सहमत; अमेरिका-ईरान ने निभाई भूमिका

​बेरूत/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत टलने के बाद, इजरायल और हिज्बुल्लाह चरमपंथी समूह शुक्रवार को युद्धविराम को फिर से लागू करने पर सहमत हो गए हैं। समाचार एजेंसी एपी (AP) को यह जानकारी दो क्षेत्रीय अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली है। हालांकि, संघर्षविराम को लेकर अभी तक इजरायल या हिज्बुल्लाह की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

​कतर, अमेरिका और ईरान ने कराई ‘डील’

​क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, इस नाजुक मोड़ पर इजरायल और हिज्बुल्लाह को दोबारा युद्धविराम के लिए मनाने में कतर, अमेरिका और ईरान ने मुख्य मध्यस्थ (Mediators) की भूमिका निभाई है। पर्दे के पीछे चली लंबी बातचीत के बाद आखिरकार दोनों पक्ष हमलों को रोकने पर राजी हुए। हालांकि, क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह युद्धविराम कब तक टिका रहेगा, इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

​अचानक भड़की लड़ाई के बाद रद्द हुई थी स्विट्ज़रलैंड वार्ता

​इससे पहले, दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच अचानक शुरू हुई जबरदस्त लड़ाई के कारण शुक्रवार को स्विट्ज़रलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान की बैठक रद्द कर दी गई थी। इस बैठक के टलने से ईरान में युद्ध खत्म करने के शुरुआती समझौते पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

​मामले से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लेबनान में भड़की हिंसा के विरोध में ईरानी अधिकारियों ने स्विट्जरलैंड की अपनी तय यात्रा रद्द कर दी। ईरान का रुख था कि बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में गोलाबारी रुकनी चाहिए। इसके तुरंत बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अपनी स्विट्ज़रलैंड यात्रा टाल दी।

​रात भर बरसे बम, दोनों पक्षों को हुआ भारी नुकसान

​युद्धविराम की सहमति बनने से ठीक पहले इजरायली सेना ने रात भर दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए। हिज्बुल्लाह ने भी इन हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है। वहीं, इजरायल ने भी स्वीकार किया कि इस दौरान हिज्बुल्लाह के साथ हुई मुठभेड़ में उसके चार सैनिक मारे गए।

​डील फंसते ही एक्टिव हुए महाशत्रु

​विशेषज्ञों के मुताबिक, इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच का यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय शांति समझौते का सबसे नाजुक हिस्सा है। हालांकि ना तो इजरायल और ना ही हिज्बुल्लाह ने मूल समझौते पर सीधे हस्ताक्षर किए थे, लेकिन परोक्ष रूप से इसका मकसद उनकी लड़ाई को खत्म करना ही था।

​लेबनान में ताजा हमलों के बाद ईरान ने यह साफ कर दिया था कि वह अपने सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी (हिज्बुल्लाह) के हितों के लिए क्षेत्र में फिर से युद्ध का जोखिम उठाने को तैयार है। स्थिति बिगड़ती देख अमेरिका और ईरान दोनों बैकचैनल डिप्लोमेसी (पर्दे के पीछे की बातचीत) के जरिए एक्टिव हुए और दोनों देशों के दबाव के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह युद्ध रोकने पर सहमत हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *