कर्नाटक MLC चुनाव में ‘रिवर्स ऑपरेशन लोटस’: जेडीएस उम्मीदवार की हार पर भड़की बीजेपी, आलाकमान ने विजयेंद्र और आर अशोक को दिल्ली तलब किया
कर्नाटक MLC चुनाव में ‘रिवर्स ऑपरेशन लोटस’: जेडीएस उम्मीदवार की हार पर भड़की बीजेपी, आलाकमान ने विजयेंद्र और आर अशोक को दिल्ली तलब किया
बेंगलुरु: अमूमन विपक्षी दलों में सेंधमारी के लिए चर्चा में रहने वाले ‘ऑपरेशन लोटस’ का पासा इस बार कर्नाटक में उल्टा पड़ गया है। कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव में कांग्रेस ने ‘रिवर्स ऑपरेशन लोटस’ को अंजाम देते हुए बीजेपी और जेडीएस (JDS) गठबंधन को करारा झटका दिया है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के संकटमोचक डी.के. शिवकुमार की इस सियासी चाल की बदौलत कांग्रेस के सभी 5 उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि एनडीए (NDA) की सहयोगी जेडीएस के उम्मीदवार को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
इस अप्रत्याशित हार और बड़े पैमाने पर हुई क्रॉस वोटिंग से हड़कंप मच गया है। बीजेपी आलाकमान ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और नेता विपक्ष आर. अशोक को दिल्ली तलब किया है।
23 जून को दिल्ली में खिंचाई, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मांगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 23 जून 2026 को कर्नाटक के इन दोनों शीर्ष नेताओं के साथ हाई-लेवल मीटिंग कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व इस बात से खासा नाराज है कि ऐन वक्त पर विधायकों की बगावत और क्रॉस वोटिंग को भांपने में प्रदेश नेतृत्व पूरी तरह नाकाम क्यों रहा। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने तुरंत मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के व्यस्त दौरे के कारण उन्हें अगले सप्ताह (23 जून) का समय दिया गया है और तब तक पूरी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
क्रॉस-वोटिंग की जांच के लिए बनी 3 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी
पार्टी के भीतर हुए इस भीतरघात की परतें खोलने के लिए बीजेपी ने एक तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति (Fact-Finding Committee) का गठन कर दिया है। इस कमेटी में शामिल हैं:
सी.टी. रवि (पूर्व मंत्री और वर्तमान MLC)
एन. महेश (BJP राज्य उपाध्यक्ष)
महेश तेंगिनाकाई (विधायक)
इस हाई-पावर कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वह उन सभी परिस्थितियों, संदिग्ध गतिविधियों और खुफिया इनपुट की बारीकी से जांच करे जिसके कारण पार्टी विधायकों ने बगावत की। कमेटी को अपनी विस्तृत और गोपनीय रिपोर्ट 25 जून, 2026 तक या उससे पहले केंद्रीय नेतृत्व को सौंपनी होगी।
विजयेंद्र का दावा: JDS के 6 और बीजेपी के 5 विधायकों ने किया विश्वासघात
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने स्वीकार किया कि पार्टी इस घटनाक्रम से बेहद आहत है। उन्होंने आंतरिक आंकड़ों का खुलासा करते हुए दावा किया कि जेडीएस के 6 से 7 विधायकों और खुद बीजेपी के 4 से 5 विधायकों ने गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है।
विजयेंद्र ने बागी विधायकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा:
”हमें पूरी जानकारी मिल चुकी है कि चुनाव के दौरान बैकस्टेज किसने क्या खेल खेला है। मैं दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को उन सभी चेहरों की लिस्ट सौंपूंगा। जिन्होंने पार्टी और कार्यकर्ताओं के भरोसे के साथ गद्दारी की है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आया है और उसने ऐसा कृत्य किया है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
”जेडीएस की हार हमारा भी अपमान, कुमारस्वामी बेहद आहत”
विजयेंद्र ने आगे कहा कि इस धोखे से जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी बेहद आहत हैं। उन्होंने साफ किया कि सहयोगी दल के उम्मीदवार के साथ हुआ यह विश्वासघात केवल जेडीएस का नहीं, बल्कि खुद बीजेपी का भी अपमान है। उन्होंने माना कि पिछले कुछ समय से कर्नाटक बीजेपी में आंतरिक मतभेद चल रहे थे, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि आलाकमान इस ‘रिवर्स ऑपरेशन’ के बाद राज्य इकाई में बड़ी सर्जरी करेगा।
वहीं, कांग्रेस की इस रणनीति पर जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजेपी डी.के. शिवकुमार से डर गई है, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी एक राष्ट्रीय पार्टी है और वह किसी के डरने वाली नहीं है, संगठन इस चुनौती का डटकर मुकाबला करेगा और गद्दारों को बाहर का रास्ता दिखाएगा।
गौरतलब है कि इस चुनाव के अंतिम नतीजों में सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने सभी 5 उम्मीदवारों को जिताकर अपनी ताकत का अहसास कराया है, वहीं बीजेपी के खाते में 2 सीटें आई हैं, लेकिन जेडीएस को खाली हाथ लौटना पड़ा है।
