‘लगान’ के ‘घनन घनन’ गाने की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा: तेज धूप में ऐसे फिल्माया गया था बादलों वाला सीन
‘लगान’ के ‘घनन घनन’ गाने की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा: तेज धूप में ऐसे फिल्माया गया था बादलों वाला सीन
मुंबई: हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्मों में शुमार ‘लगान’ (Lagaan) के लोकप्रिय गीत ‘घनन घनन’ को आज भी दर्शक बेहद चाव से सुनते और देखते हैं। इस ऐतिहासिक फिल्म की कोरियोग्राफी टीम का हिस्सा रहे और दिवंगत कोरियोग्राफर सरोज खान के बेटे राजू खान ने हाल ही में इस गाने की शूटिंग से जुड़े कुछ बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण संस्मरण साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि सीमित समय, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और बड़े सेट के कारण यह गाना उनके पूरे करियर का सबसे मुश्किल शूट साबित हुआ था।
रातों-रात करनी पड़ी थी पूरे गाने की प्लानिंग
राजू खान ने बताया कि जब उन्हें इस गाने को कोरियोग्राफ करने की जिम्मेदारी मिली, तब फिल्म की शूटिंग के शुरुआती दिन थे और तैयारी के लिए समय न के बराबर था। उन्होंने कहा, “सेट देखने के अगले ही दिन गाने की शूटिंग शुरू होनी थी। पहले दिन वह शॉट फिल्माया गया, जिसमें आमिर खान की मां का किरदार निभा रही अभिनेत्री कुएं से पानी निकालने की कोशिश करती हैं, लेकिन कुआं सूखा मिलता है और वह मायूस होकर आसमान की ओर देखती हैं। उसी दिन मुझे सेट पर भेजा गया, जहां मेरी मुलाकात फिल्म के बाकी कलाकारों से हुई। वहीं मैंने पहली बार ‘घनन घनन’ गाना सुना और मुझे बताया गया कि इसमें फिल्म के सभी मुख्य कलाकार शामिल होंगे। ऐसे में मेरे पास सोचने का वक्त नहीं था, पूरी प्लानिंग रातों-रात करनी पड़ी और अगले दिन से हमने काम शुरू कर दिया।”
तेज धूप और परछाइयों ने खड़ी की बड़ी मुश्किल
राजू खान के अनुसार, असली परीक्षा गाने के दूसरे हिस्से की शूटिंग के दौरान हुई। गाने की कहानी के मुताबिक, लंबे सूखे के बाद आसमान में काले बादल छा जाते हैं और गांव वाले खुशी से झूम उठते हैं। लेकिन हकीकत में जब शूटिंग हो रही थी, तब आसमान में बादलों का नामोनिशान नहीं था और कड़कड़ाती धूप खिली हुई थी।
इतने बड़े आउटडोर सेट पर तेज धूप के बीच बादलों जैसा धुंधला माहौल दिखाना तकनीकी रूप से लगभग असंभव था। इसके अलावा, धूप के कारण जमीन पर पड़ने वाली कलाकारों और कैमरों की परछाइयों (Shadows) को फ्रेम में आने से रोकना एक बहुत बड़ी चुनौती थी।
सूर्यास्त के जादुई 45 मिनट में पूरा हुआ गाना
इस प्राकृतिक समस्या से निपटने के लिए राजू खान और पूरी कैमरा टीम ने एक अनोखी रणनीति अपनाई:
सीमित फ्रेमिंग: कई शॉट्स को पूरे सेट पर न फिल्माकर बेहद सीमित और छोटे क्षेत्रों में फिल्माया गया, ताकि तेज धूप वाला बैकग्राउंड कैमरे में ज्यादा न दिखे।
कैमरा एंगल्स का खेल: कैमरे के एंगल्स को इस तरह से एडजस्ट किया गया जिससे जमीन पर बन रही परछाइयां छिप जाएं।
’मैजिक ऑवर’ में शूटिंग: गाने के दूसरे हिस्से की सबसे मुख्य और बड़ी शूटिंग केवल सूर्यास्त के समय की जाती थी। जब सूरज डूबने की कगार पर होता था और दिन की आखिरी 40 से 45 मिनट की प्राकृतिक रोशनी बचती थी, तब पूरी टीम बेहद फुर्ती के साथ शॉट लेती थी। इस समय धूप न होने से परछाइयां गायब हो जाती थीं और बादलों जैसा माहौल दिखाना आसान हो जाता था।
राजू खान ने कहा कि महज 45 मिनट के इस छोटे से टाइम-विंडो में इतने बड़े पैमाने पर कलाकारों के साथ परफेक्ट शॉट लेना तकनीकी और रचनात्मक, दोनों ही स्तरों पर उनके लिए अग्निपरीक्षा जैसा था।
गौरतलब है कि आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लगान’ में आमिर खान, ग्रेसी सिंह, रेचल शेली और पॉल ब्लैकथॉर्न ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। ए.आर. रहमान के संगीत और इस बेहतरीन कोरियोग्राफी ने मिलकर ‘घनन घनन’ गाने को भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए अमर बना दिया।
