उत्तराखंड

भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों को घेरा; पिथौरागढ़ की बदहाली पर उठाए सवाल, वेतन कटौती की मांग

भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों को घेरा; पिथौरागढ़ की बदहाली पर उठाए सवाल, वेतन कटौती की मांग

​पिथौरागढ़: उत्तराखंड में भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और सरकारी अधिकारियों के रवैये को लेकर अब खुद सत्ताधारी दल के भीतर से ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं. भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) समेत तमाम सरकारी विभागों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने साफ कहा कि सरकार लगातार बजट दे रही है, लेकिन वह पैसा कहां जा रहा है, यह समझ से परे है. आम जनता समस्याओं से जूझ रही है और अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं.

​डीएम के जनता दरबार में उठाए मुद्दे

पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष भटगांई के जनता दरबार में पहुंचे भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने सड़क, सीवर लाइन और विकास कार्यों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिले में लंबे समय से जनहित के मामले लटके हुए हैं. हालांकि, डीएम ने इन मामलों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे उम्मीद बंधी है कि ये काम जल्द शुरू होंगे.

​ढाई साल से लंबित हैं टेंडर, सीवरेज योजना भी बेकार

सुरेश जोशी ने विभागीय लापरवाही के उदाहरण देते हुए कहा कि पीडब्लूडी की ऐंचोली-बड़ाबे सड़क का टेंडर ढाई साल पहले हो चुका था, लेकिन आज तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका. इसी तरह पिथौरागढ़ में बनने वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी ठेकेदारों के आपसी झगड़े और अदालती मामलों के कारण लटका हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ठेकेदारों की मर्जी से काम करना चाहते हैं.

​नगर की सीवरेज व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में 100 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बनी है, लेकिन आज तक जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिला. इसके रखरखाव के नाम पर हर साल पैसा मंगाया जा रहा है. जोशी ने मांग की कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनके वेतन से कटौती की जानी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वे जनता को सुविधाएं दिलाने के लिए न्यायालय की शरण में भी जाएंगे.

​सड़कों की बदहाली और आवारा कुत्तों का आतंक

मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने ग्रामीण सड़कों की दुर्दशा पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिथौरागढ़ का लोनिवि (PWD) और एनएच (NH) विभाग पूरी तरह सोया हुआ है.

​इसके अलावा उन्होंने नगर के तिराहों-चौराहों पर घूम रहे आवारा कुत्तों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि ये कुत्ते आए दिन लोगों को काट रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासी दहशत में हैं. सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पिथौरागढ़ में आवारा कुत्तों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.

​विपक्ष को मिला सरकार को घेरने का मौका

यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा के ही नेताओं ने अपनी सरकार के प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा किया है. इससे पहले गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधायक बिशन सिंह चुफाल भी कई बार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. अब मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी द्वारा अपनी ही सरकार के अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलने से विपक्ष को भी सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है.

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