Sunday, June 14, 2026
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अमेजन के विज्ञापन पर बढ़ा विवाद: महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के ‘उपहास’ पर हिंदू संगठन ने भेजा कानूनी नोटिस, 48 घंटे का अल्टीमेटम

अमेजन के विज्ञापन पर बढ़ा विवाद: महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के ‘उपहास’ पर हिंदू संगठन ने भेजा कानूनी नोटिस, 48 घंटे का अल्टीमेटम

​नई दिल्ली: ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) एक बार फिर कानूनी और सामाजिक विवादों के घेरे में आ गई है। इस बार कंपनी के ‘अमेजन नाऊ’ (Amazon Now) अभियान के एक विज्ञापन को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का आरोप है कि विज्ञापन में प्राचीन भारत के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट का आपत्तिजनक और व्यंग्यात्मक ढंग से उपहास उड़ाया गया है। इस मामले में हिंदू जनजागृति समिति की ओर से अमेजन को एक कानूनी नोटिस भेजकर 48 घंटे के भीतर माफी मांगने और विज्ञापन हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।

​क्या है विज्ञापन का विवाद?

​विवाद की जड़ ‘अमेजन नाऊ’ का एक प्रमोशनल एड है। इस विज्ञापन में आर्यभट्ट जैसी वेशभूषा पहने एक व्यक्ति को दिखाया गया है, जिसे व्यंग्यात्मक लहजे में “जीरो डिलीवरी चार्ज खोजने वाले वैज्ञानिक” के रूप में पेश किया गया है।

​हिंदू जनजागृति समिति की ओर से सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि जिस महान ऋषि-तुल्य वैज्ञानिक ने पूरी दुनिया को ‘शून्य’ (Zero) की अमूल्य अवधारणा दी, उन्हें केवल व्यावसायिक लाभ के लिए एक ‘कॉर्पोरेट मस्कट’ बनाकर पेश करना क्रूर थट्टा है। नोटिस के अनुसार, यह कृत्य भारत की महान ज्ञान-विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता का जानबूझकर किया गया अपमान है।

​सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #Boycott_Amazon

​इस विज्ञापन के सामने आने के बाद देश भर के नागरिकों और राष्ट्रप्रेमियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर ‘अमेज़न का बहिष्कार करो’ (#Boycott_Amazon) अभियान तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग कंपनी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

​कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: इन धाराओं में दर्ज हो सकता है केस

​नोटिस में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि अमेजन द्वारा भारतीय संस्कृति या धार्मिक प्रतीकों को ठेस पहुंचाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्लेटफॉर्म पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों वाले पायदान और टॉयलेट सीट कवर बेचने तथा ‘तांडव’ वेब सीरीज के जरिए भावनाएं आहत करने के मामले सामने आ चुके हैं।

​अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने स्पष्ट किया है कि केवल व्यावसायिक मुनाफे के लिए भारतीय महापुरुषों का यह अपमान संशोधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दंडनीय है:

​धारा 299: धार्मिक भावनाएं आहत करना।

​धारा 196 व 197: समाज में वैमनस्य फैलाना और राष्ट्रीय अखंडता को बाधित करना।

​धारा 302: धार्मिक भावनाओं को आहत करने का जानबूझकर किया गया इरादा।

​हिंदू संगठन की प्रमुख मांगें

​समिति ने अमेजन के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए 48 घंटे का समय दिया है, जिसके तहत निम्नलिखित मांगें पूरी करनी होंगी:

​विज्ञापन हटाना: ‘आर्यभट्ट – अमेज़न नाऊ’ विज्ञापन को यूट्यूब, इंस्टाग्राम, एक्स और टीवी सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत और स्थाई रूप से हटाया जाए।

​सार्वजनिक माफी: कंपनी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, वेबसाइट के होमपेज और देश के प्रमुख समाचार पत्रों में बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगे।

​लिखित वचन पत्र: भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय प्रतीक या महापुरुष का अपमान न करने का एक लिखित आश्वासन दिया जाए।

​कानूनी नोटिस में यह साफ कर दिया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर अमेजन इन शर्तों को पूरा नहीं करती है, तो कंपनी के विरुद्ध देश की अदालतों में फौजदारी (Criminal) और दीवानी (Civil) मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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