क्रिकेटर ऋषभ पंत का सीक्रेट उत्तराखंड दौरा: आदि कैलाश और ओम पर्वत के किए दर्शन, ITBP जवानों के साथ बिताया वक्त
क्रिकेटर ऋषभ पंत का सीक्रेट उत्तराखंड दौरा: आदि कैलाश और ओम पर्वत के किए दर्शन, ITBP जवानों के साथ बिताया वक्त
पिथौरागढ़:
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में स्थित पवित्र आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। खास बात यह रही कि ऋषभ पंत का यह पूरा दौरा बेहद गोपनीय (सीक्रेट) रखा गया था, जिसकी भनक स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को भी नहीं लग सकी।
आदि कैलाश में की पूजा-अर्चना, व्यास घाटी के होमस्टे में बिताई रात
धार्मिक आस्था से जुड़े इस निजी दौरे के दौरान ऋषभ पंत ने व्यास घाटी के कई महत्वपूर्ण और पौराणिक स्थलों का भ्रमण किया।
पवित्र दर्शन: पंत सबसे पहले आदि कैलाश क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धा भाव के साथ अलौकिक ओम पर्वत के दर्शन किए और वहां कुछ समय बिताया।
सादगी भरी रात: दर्शन के बाद वे व्यास घाटी के खूबसूरत नाबी गांव पहुंचे। उन्होंने किसी बड़े होटल के बजाय स्थानीय संस्कृति को तरजीह दी और सुरेंद्र सिंह नबियाल के एक स्थानीय होमस्टे में रात्रि विश्राम किया। पूरी यात्रा के दौरान उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया।
जब गाड़ी का टायर हुआ खराब, मददगार बने ITBP के जवान
इस यात्रा के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया। गुंजी क्षेत्र के पास ऋषभ पंत के वाहन का टायर अचानक खराब हो गया। सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, वे तुरंत मदद के लिए आगे आए।
जवानों ने न सिर्फ गाड़ी को ठीक करने में मदद की, बल्कि ऋषभ पंत ने भी उनके साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने जवानों के साथ बैठकर नाश्ता किया, देश की सुरक्षा में तैनात देश के वीरों का आभार जताया और रवाना होने से पहले उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। अब इस शांत और आध्यात्मिक दौरे की तस्वीरें स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
गाइड: आप कैसे पहुंच सकते हैं आदि कैलाश?
यदि आप भी ऋषभ पंत की तरह आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो यहां पहुंचने का पूरा रूट इस प्रकार है:
1. रेल और हवाई मार्ग (ट्रेन और फ्लाइट)
ट्रेन से: यदि आप दिल्ली, देहरादून या अन्य प्रमुख शहरों से आ रहे हैं, तो आपको अंतिम रेलवे स्टेशन नैनीताल के काठगोदाम तक आना होगा। वहां से आगे का सफर सड़क मार्ग से तय करना होगा।
फ्लाइट से: हवाई मार्ग के लिए आप पंतनगर एयरपोर्ट या पिथौरागढ़ के नैनी सैनी एयरपोर्ट तक पहुंच सकते हैं।
2. सड़क मार्ग और रूट मैप
काठगोदाम/हल्द्वानी से यात्रा शुरू करके आपको सबसे पहले पिथौरागढ़ पहुंचना होगा। इसके बाद का रूट इस प्रकार है:
पिथौरागढ़ ➔ धारचूला ➔ गुंजी ➔ कुटी गांव ➔ आदि कैलाश
महत्वपूर्ण नोट: धारचूला से आगे का रास्ता अत्यधिक पहाड़ी, संकरा और संवेदनशील है, जो इस यात्रा को बेहद रोमांचक (एडवेंचरस) बनाता है। इस दुर्गम मार्ग पर यात्रा के लिए धारचूला से स्थानीय शेयर टैक्सी या जीप आसानी से मिल जाती हैं।
