ओमान तट पर ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज पर हमले और भारतीय नाविकों की मौत की खबर झूठी, विदेश मंत्रालय ने किया खंडन
ओमान तट पर ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज पर हमले और भारतीय नाविकों की मौत की खबर झूठी, विदेश मंत्रालय ने किया खंडन
ओमान के तट पर मर्चेंट नेवी के जहाज ‘लियाकी फ्रीडम’ (Lyaki Freedom) पर हमले और उसमें भारतीय नाविकों की मौत की खबरें पूरी तरह से अफवाह और झूठी साबित हुई हैं। भारत सरकार ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी कर साफ कर दिया है कि जहाज पर मौजूद चालक दल (क्रू) के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का कड़ा खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी हमले में इस जहाज पर सवार भारतीय नाविक मारे गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कप्तान से की सीधी बात, सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट चेक हैंडल (MEA Fact Check) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस खबर की सच्चाई साझा की:
सीधा संपर्क: विदेश मंत्रालय ने खुद ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज के मास्टर (कप्तान) से सैटेलाइट के जरिए सीधे बात की है।
कप्तान की पुष्टि: जहाज के कप्तान ने पुष्टि की है कि जहाज पर सब कुछ सामान्य है और चालक दल का हर एक सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है।
अपील: मंत्रालय ने मीडिया और आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी निराधार अफवाह पर यकीन न करने और पैनिक न फैलाने की अपील की है।
कैसे शुरू हुई हमले और मौतों की यह अफवाह?
दरअसल, यह पूरा भ्रम तकनीकी खराबी और संपर्क टूटने के कारण पैदा हुआ:
रेडियो संपर्क टूटा: ‘फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ ने शुरुआत में जानकारी दी थी कि उनका ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज से संपर्क नहीं हो पा रहा है, क्योंकि जहाज का वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) रेडियो काम नहीं कर रहा था।
लोकेशन थी ट्रैक: हालांकि, यूनियन सैटेलाइट के जरिए जहाज की लोकेशन लगातार ट्रैक कर पा रही थी, जो अक्षांश (Latitude) 24^\circ 43.85\text{N} और देशांतर (Longitude) 56^\circ 37.52\text{E} पर मौजूद था।
मीडिया की लापरवाही: इस बीच कुछ मीडिया आउटलेट्स ने संपर्क टूटने की इस खबर को तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया और दावा कर दिया कि ओमान तट के पास अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को निशाना बनाया है, जिसमें कई भारतीय नाविक मारे गए हैं।
जहाज की प्रोफाइल: मर्चेंट नेवी के इस टैंकर जहाज का नाम ‘लियाकी फ्रीडम’ है। ‘वेसल ट्रैकर’ वेबसाइट के मुताबिक, इस जहाज पर मार्शल आइलैंड्स (Marshall Islands) का झंडा लगा हुआ है।
खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर भारत सख्त, जयशंकर ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
भले ही ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज सुरक्षित है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की एक अन्य वास्तविक कार्रवाई को लेकर भारत सरकार का रुख बेहद सख्त है। इस कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है।
शनिवार तड़के भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और इस घटना पर भारत का कड़ा और मजबूत विरोध दर्ज कराया।
कड़ी चेतावनी: विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से साफ शब्दों में कहा कि कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर इस तरह की जानलेवा और घातक सैन्य कार्रवाई को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता।
मजबूत पक्ष: डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत की जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के सामने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का विरोध पूरी मजबूती से रख दिया है।
भ्रामक खबरों से सावधान रहने की एडवायजरी
इस पूरी घटना के बाद विदेश मंत्रालय के ‘MEA Fact Check’ ने लोगों और मीडिया घरानों के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि समंदर में जहाजों की सुरक्षा और नाविकों के जीवन से जुड़ी खबरें बेहद संवेदनशील होती हैं, इसलिए लोग बिना जांच-पड़ताल के सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर को शेयर न करें।
