ईरान ने की पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की घोषणा, 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद; 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरान ने की पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की घोषणा, 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद; 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
तेहरान
इजरायली और अमेरिकी हमलों में मारे जाने के 100 से अधिक दिनों के बाद, ईरान ने आखिरकार अपने पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार (जनाजे) के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। ईरानी सरकारी मीडिया ने शनिवार को बताया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में और जुलूस 4 जुलाई से शुरू होंगे, जो 9 जुलाई तक चलेंगे।
ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के अनुसार, इस ऐतिहासिक और विशाल जनाजे में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
4 से 9 जुलाई तक तीन शहरों में होंगे समारोह
खामेनेई के कार्यों को प्रकाशित करने वाले आधिकारिक कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पूर्व सुप्रीम लीडर और उनके परिवार के सदस्यों के लिए शोक और अंतिम विदाई समारोह ईरान के तीन प्रमुख शहरों में आयोजित किए जाएंगे:
शुरुआत (4 जुलाई): अंतिम संस्कार के जुलूस की शुरुआत राजधानी तेहरान से होगी।
पवित्र शहर: इसके बाद समारोह तेहरान, कौम (Qom) और मशहद शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
अंतिम संस्कार (9 जुलाई): 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में उन्हें अंतिम रूप से दफनाया जाएगा।
इमाम रज़ा की पवित्र दरगाह में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक, भारत-पाक से पहुंचेंगे श्रद्धालु
आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई को मशहद शहर में स्थित शिया समुदाय के बेहद पवित्र स्थल इमाम रज़ा (अ.स.) की पवित्र दरगाह के परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल अंतिम संस्कार में दुनिया भर से बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों के आने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर क्षेत्र से लाखों की संख्या में लोगों के मशहद पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
तीन दशकों से ज्यादा लंबे कार्यकाल का हुआ था अंत
इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी और इजरायली हमलों में 86 वर्ष की उम्र में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनकी मौत के साथ ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की बागडोर संभालने वाले उनके तीन दशकों (30 साल) से भी ज्यादा लंबे और रसूखदार कार्यकाल का अंत हो गया था।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सत्ता का हस्तांतरण भी हो चुका है। उनके बेटे आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है, जो अब ईरान के नए सुप्रीम लीडर के रूप में देश की कमान संभाल रहे हैं।
