हेयर कलर उत्पादों पर केंद्र सरकार की सख्ती: BIS मानकों का पालन अनिवार्य, पैकेजिंग पर देनी होगी रसायनों की पूरी जानकारी
हेयर कलर उत्पादों पर केंद्र सरकार की सख्ती: BIS मानकों का पालन अनिवार्य, पैकेजिंग पर देनी होगी रसायनों की पूरी जानकारी
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में बिकने वाले हेयर कलर (बालों को रंगने वाले) उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने सभी निर्माताओं और आयातकों को निर्देश दिए हैं कि बाजार में उपलब्ध सभी हेयर कलर उत्पादों का निर्माण ‘कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020’ और ‘भारतीय मानक ब्यूरो’ (BIS) के तय दिशानिर्देशों के तहत ही किया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उत्पादों में केवल सुरक्षित रसायनों का इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
पैकेजिंग और लेबलिंग पर पैच टेस्ट की चेतावनी जरूरी
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब कंपनियों के लिए अपने उत्पादों की पैकेजिंग पर सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। इसमें शामिल हैं:
सामग्री की सूची: उत्पाद को बनाने में किन अवयवों (Ingredients) का उपयोग हुआ है।
उपयोग की विधि और सावधानियां: हेयर कलर को कैसे इस्तेमाल करना है और क्या सावधानियां रखनी हैं।
पैच टेस्ट निर्देश: उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए पैच टेस्ट (Patch Test) से जुड़े निर्देश और चेतावनी संदेश स्पष्ट अक्षरों में लिखे होने चाहिए।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 के तहत इन नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित और प्रतिबंधित रसायनों के लिए तय हुए ‘IS मानक’
भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने स्पष्ट किया है कि चूंकि हेयर कलर में बालों का रंग बदलने या सफेद बाल छिपाने के लिए कई तरह के रासायनिक तत्वों का मिश्रण होता है, इसलिए उनका सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
यह नियम देश में बनने वाले उत्पादों के साथ-साथ विदेशों से आयात (Import) होने वाले हेयर कलर प्रोडक्ट्स पर भी समान रूप से लागू होगा। इसके लिए तीन मुख्य मानक तय किए गए हैं:
IS 4707 (पार्ट 1): इसमें उन रसायनों और रंगों की सूची है, जिन्हें ‘Generally Recognized as Safe’ (GRAS) यानी सामान्य रूप से सुरक्षित माना गया है।
IS 4707 (पार्ट 2): इसमें उन पदार्थों का उल्लेख है जो ‘Generally Not Recognized as Safe’ (GNRAS) की श्रेणी में आते हैं, यानी जिन पर प्रतिबंध है या जिनके इस्तेमाल के लिए विशेष शर्तें लागू हैं।
IS 8481: यह मानक भी हेयर कलर की सुरक्षा और रसायनों की सीमा को निर्धारित करता है।
बदलाव करने पर प्राधिकरण को देनी होगी सूचना
औषधि नियंत्रक ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कोई कंपनी अपने उत्पाद के लेबल, रसायनों के कंपोजीशन (संरचना) या गुणवत्ता मानकों में किसी भी तरह का फेरबदल करती है, तो ‘कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020’ के नियम 15(2) और 26(के) के तहत इसकी जानकारी संबंधित केंद्रीय या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।
उत्पादों की समीक्षा के आदेश
डीसीजीआई (DCGI) ने सभी निर्माताओं और आयातकों को अपने वर्तमान उत्पादों की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। सरकार के इस सख्त कदम से बाजार में घटिया और हानिकारक केमिकल वाले हेयर कलर की बिक्री पर रोक लगेगी, जिससे उपभोक्ताओं को स्किन एलर्जी और अन्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सकेगा।
