Saturday, June 13, 2026
राजनीति

​हेट स्पीच मामला: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR दर्ज, विवादित सांप्रदायिक टिप्पणी का आरोप

​हेट स्पीच मामला: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR दर्ज, विवादित सांप्रदायिक टिप्पणी का आरोप

​कोलकाता:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार और पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ममता बनर्जी के खिलाफ करीब दो महीने पुराने एक कथित ‘हेट स्पीच’ (नफरत फैलाने वाले भाषण) के मामले में कोलकाता पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

​यह कार्रवाई विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मंच से दी गई उनकी कथित सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ममता बनर्जी के इस बयान से समाज में सांप्रदायिक नफरत भड़की।

​’ज़ीरो FIR’ दर्ज कर हेयर स्ट्रीट थाने को सौंपा गया मामला

​पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस मामले को लेकर ‘ज़ीरो FIR’ दर्ज की गई थी, जिसे अब विस्तृत जांच के लिए कोलकाता के हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन (Hare Street Police Station) स्थानांतरित कर दिया गया है।

​ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:

​धारा 196(1): विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना।

​धारा 351(2) और 352: आपराधिक धमकी और शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने से जुड़ी धाराएं।

​क्या था विवादित बयान?

​दस्तावेजों और खबरों के अनुसार, ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक राजनीतिक मंच से संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था:

​”हम हैं, इसीलिए आप सब सुरक्षित हैं। अगर हम यहां न होते, तो जब कोई खास समुदाय एक गुट बनाकर आपको घेरता, तो वे आपको एक सेकंड में खत्म कर देते।”

​इस बयान के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दलों ने टीएमसी नेतृत्व पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था।

​केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जताया था कड़ा विरोध

​ममता बनर्जी के इस बयान को लेकर केंद्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। अरुणाचल प्रदेश से सांसद और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 मई 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस बयान को साझा करते हुए चिंता जताई थी। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था कि “ममता जी का यह बयान अब तक का सबसे परेशान करने वाला और अपमानजनक बयान है।”

​बनर्जी परिवार पर चौतरफा कानूनी शिकंजा

​यह एफआईआर ऐसे समय पर आई है जब टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व पहले से ही कई कानूनी लड़ाइयों का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि:

​इससे पहले टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर दिए गए आक्रामक बयानों को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

​हाल ही में विधानसभा में फर्जी सिग्नेचर मामले को लेकर भी सीआईडी (CID) अभिषेक बनर्जी और पार्टी विधायक मदन मित्रा पर शिकंजा कस चुकी है।

​इस नए हेट स्पीच मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छेड़ दी है। पुलिस अब मामले के तथ्यों और वीडियो फुटेज की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *