E20 पेट्रोल वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित: सरकार ने संसद में दी जानकारी, कहा— ‘वैज्ञानिक परीक्षणों और 23 करोड़ वाहनों के अनुभव से साबित’
E20 पेट्रोल वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित: सरकार ने संसद में दी जानकारी, कहा— ‘वैज्ञानिक परीक्षणों और 23 करोड़ वाहनों के अनुभव से साबित’
नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि देश भर में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लागू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, लैब स्टडीज, फील्ड ट्रायल और उद्योग हितधारकों के साथ गहन परामर्श किया गया था। सरकार ने दोहराया कि E20 पेट्रोल नए और पुराने—दोनों प्रकार के वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है।
1. नीति आयोग से लेकर ARAI तक की सहमति से हुआ फैसला
लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को लागू करने से पहले बहु-स्तरीय वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षण किए गए।
इसमें नीति आयोग, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), इंडियन ऑयल (IOCL) और प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों की सक्रिय भागीदारी रही।
परीक्षणों के दौरान इंजन स्थायित्व, ड्राइविंग क्षमता, कोल्ड-स्टार्टिंग, जंग-रोधी क्षमता (Anti-corrosion), घटकों की अनुकूलता, उत्सर्जन (Emissions) और ईंधन दक्षता की विस्तृत जांच की गई।
2. 23 करोड़ वाहनों का व्यावहारिक अनुभव, कोई खराबी नहीं दर्ज
सरकार ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए E20 पेट्रोल के सुरक्षित होने के व्यावहारिक प्रमाण दिए:
दैनिक ईंधन खपत: भारत में प्रतिदिन करीब 8 करोड़ वाहन पेट्रोल पंपों पर आते हैं, जिनमें लगभग 80% पेट्रोल से चलने वाले वाहन हैं।
लंबा अनुभव: पिछले साढ़े तीन वर्षों से E15+ और ढाई वर्षों से E19-E20 मिश्रित पेट्रोल का देश में व्यापक उपयोग हो रहा है।
व्यापक कवरेज: इस दौरान 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक कारें E20/मिश्रित ईंधन पर चली हैं, लेकिन एथेनॉल के कारण इंजन खराब होने या बड़े पैमाने पर वाहन ठप्प होने का एक भी सत्यापित मामला सामने नहीं आया है।
3. सर्विस डेटा और वारंटी से पुष्टि
कंपनियों की वारंटी बरकरार: सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं ने E20 ईंधन इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर अपनी वारंटी जारी रखी है, जो इसके सुरक्षित होने का बड़ा प्रमाण है।
सर्विसिंग आंकड़े: वित्त वर्ष 2025-26 में एक प्रमुख वाहन निर्माता ने 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की (जिसमें 1.5 करोड़ ऐसे वाहन शामिल थे जो मूल रूप से E20 के लिए प्रमाणित नहीं थे)। इस दौरान एथेनॉल से जंग लगने या पुर्जों की उम्र कम होने की कोई शिकायत नहीं मिली।
एक अन्य प्रमुख दोपहिया निर्माता के अध्ययन (1.4 करोड़ वाहनों पर) में भी एथेनॉल से किसी प्रकार की जंग या खराबी का कोई प्रमाण नहीं पाया गया।
4. E20 ईंधन के तकनीकी और पर्यावरणीय लाभ
SIAM, ARAI और सरकारी अध्ययनों के अनुसार, E20 पेट्रोल के कई तकनीकी फायदे हैं:
बेहतर प्रदर्शन: एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर अधिक होता है, जिससे आधुनिक हाई-कम्प्रेशन इंजन बेहतर पिकअप (Acceleration) और राइड क्वालिटी प्रदान करते हैं।
बेहतर दहन (Combustion): एथेनॉल की उच्च ऊष्मा अवशोषण क्षमता ईंधन का बेहतर दहन सुनिश्चित करती है, जिससे इंजन की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
कम प्रदूषण: E20 ईंधन से चलने पर वाहनों के कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) में काफी कमी आती है।
