कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जैवलिन थ्रो के फाइनल में पहुंचे नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह; 31 जुलाई को मेडल के लिए उतरेंगे
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जैवलिन थ्रो के फाइनल में पहुंचे नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह; 31 जुलाई को मेडल के लिए उतरेंगे
ग्लासगो:
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत के लिए एथलेटिक्स से बड़ी और खुशखबरी आई है। पुरुषों की भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में कड़ी चुनौती और तेज हवाओं के बावजूद भारत के तीनों एथलीट—ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह ने टॉप-10 में जगह बनाते हुए फाइनल (मेडल इवेंट) के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
1. क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
हवाओं के कारण सटीक थ्रो फेंकना कठिन साबित हो रहा था, जिसके चलते किसी भी एथलीट ने 84 मीटर का डायरेक्ट क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं किया। भारतीय खिलाड़ियों ने जोखिम न उठाते हुए सुरक्षित क्वालिफिकेशन पर ध्यान केंद्रित किया:
नीरज चोपड़ा (5वां स्थान): ग्लासगो गेम्स में अपना पहला मुकाबला खेल रहे नीरज चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो किया। फाइनल में जगह पक्की होते देख उन्होंने अपना तीसरा प्रयास न करने का फैसला किया।
रोहित यादव (9वां स्थान): रोहित ने 78.37 मीटर के थ्रो के साथ नौवां स्थान हासिल किया।
यशवीर सिंह (10वां स्थान): यशवीर ने 78.36 मीटर का थ्रो किया और 10वें स्थान पर रहे। रोहित और यशवीर के बीच महज 1 सेंटीमीटर का अंतर रहा।
2. अन्य प्रमुख एथलीट्स का प्रदर्शन
मुश्किल मौसम के बीच केवल चार एथलीट ही 80 मीटर का आंकड़ा पार कर पाए:
रुमेश पथिराज (श्रीलंका): 82.84 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में पहले स्थान पर रहे।
एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा): दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
डौव स्मिट (दक्षिण अफ्रीका): 80.64 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बेन ईस्ट (इंग्लैंड): 80.38 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे।
इसके अलावा पाकिस्तान के अरशद नदीम (78.63 मीटर – 7वां स्थान) और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के पूर्व ओलंपिक चैंपियन केशॉर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर – 11वां स्थान) ने भी फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
3. अब नजरें 31 जुलाई के मेडल इवेंट पर
31 जुलाई को होने वाले पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में कुल 12 एथलीट स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगे। भारत के तीन-तीन दावेदारों के मैदान में होने से देश को मेडल की मजबूत उम्मीदें हैं।
