Explainer: यमन बॉर्डर से 1100 किमी दूर मक्का पर ड्रोन किसने भेजा? सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार—रेड लाइन पार?
यमन बॉर्डर से 1100 किमी दूर मक्का पर ड्रोन किसने भेजा? सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार—रेड लाइन पार?
मक्का के आसमान में ड्रोन का खतरा: यमन से 1100 किमी दूर पवित्र शहर पर हमले का प्रयास, सऊदी ने हवा में ही मार गिराया; हूतियों ने कहा—‘झूठ और साजिश’
अपडेट (16 सितंबर 2026):
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बुधवार को दावा किया कि मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। यह ड्रोन यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लॉन्च किया गया था और पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही रोक लिया गया। मक्का यमन सीमा से लगभग 1100 किलोमीटर दूर है। हूतियों ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या हुआ था?
मंगलवार (15 सितंबर) शाम करीब 6:50 बजे (स्थानीय समय) सऊदी रॉयल एयर डिफेंस फोर्सेज ने मक्का के दक्षिण में एक “होस्टाइल ड्रोन” को ट्रैक किया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की के अनुसार, ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित एयरस्पेस में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। मलबा शहर के दक्षिण में निर्जन क्षेत्र में गिरा।
सऊदी पक्ष ने इसे “शर्मनाक और आतंकवादी हरकत” बताया। अल-माल्की ने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों (मक्का और मदीना) और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा “रेड लाइन” है। उन्होंने चेतावनी दी कि गठबंधन आवश्यक जवाबी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा। यह घटना 2017 में हूतियों द्वारा मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के दावे के बाद दूसरी कोशिश बताई गई है।
मक्का में कुछ देर के लिए सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया गया था, जो जल्दी हटा लिया गया। शहर में हल्की घबराहट फैली।
हूतियों का जवाब
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी और अन्य नेताओं ने आरोप को “झूठ, गढ़ंत और पुरानी साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा:
यमन से पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है।
उनके लक्ष्य केवल सऊदी के सैन्य ठिकाने और तेल सुविधाएं हैं, जो पवित्र जगहों से दूर हैं।
सऊदी पक्ष खुद मक्का की पवित्रता का सम्मान नहीं करता।
हूतियों ने दावा किया कि पिछले एक हफ्ते में सऊदी विमानों ने यमन में 450 से ज्यादा एयर स्ट्राइक किए हैं, जिसके जवाब में उन्होंने सऊदी ठिकानों पर हमले किए। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने मारिब प्रांत में सऊदी का एक F-15 फाइटर जेट भी मार गिराया (जिसकी सऊदी तरफ से पुष्टि नहीं हुई)।
बड़ा संदर्भ: तनाव क्यों बढ़ रहा है?
पिछले कुछ दिनों में यमन में हूती बलों ने लाल सागर तट पर तेजी से आगे बढ़कर बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास के इलाके कब्जे में लिए हैं। इससे सऊदी तेल निर्यात मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के बीच लाल सागर रास्ता और महत्वपूर्ण हो गया है।
हूतियों ने सऊदी एयरबेस और अन्य ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए, जिनमें कुछ नागरिक भी घायल हुए। सऊदी ने जवाबी एयर स्ट्राइक कीं। पूरे मध्य पूर्व में ईरान-सऊदी-हूती समीकरण पहले से तनावपूर्ण है, और मक्का जैसा संवेदनशील लक्ष्य इस आग में घी डालने वाला साबित हो सकता है।
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) समेत कई मुस्लिम देशों ने कथित हमले की निंदा की और पवित्र स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन बताया।
रोचक पहलू
मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहर है—काबा यहीं है, हज यहीं होता है। यमन सीमा से इतनी दूर (लगभग 1100 किमी) ड्रोन भेजना तकनीकी रूप से भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हूतियों के पास लंबे रेंज वाले ड्रोन और मिसाइल क्षमता का दावा लंबे समय से रहा है। सवाल यह है कि अगर हूतियों ने नहीं भेजा, तो यह ड्रोन कहां से आया? दोनों पक्षों के दावों में फर्क साफ है—एक तरफ सबूत के साथ इंटरसेप्शन का दावा, दूसरी तरफ सपाट इनकार।
अभी तक कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है। घटना क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाली है। सऊदी ने “रेड लाइन” की बात कही है, तो आगे क्या जवाब मिलता है—यह देखना दिलचस्प होगा।
निष्कर्ष: सऊदी अरब के अनुसार यमन के हूती विद्रोहियों ने यह ड्रोन भेजा। हूतियों ने इनकार किया है। मक्का जैसे पवित्र शहर पर हमले की कोशिश (या उसका आरोप) पूरे मुस्लिम जगत में संवेदनशीलता बढ़ा रहा है। घटनाक्रम जारी है।
