नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक संपन्न: पीएम मोदी की अध्यक्षता में 8 घंटे चला मंथन, AI और ऊर्जा सुरक्षा पर रहा जोर
नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक संपन्न: पीएम मोदी की अध्यक्षता में 8 घंटे चला मंथन, AI और ऊर्जा सुरक्षा पर रहा जोर
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब 8 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में देश के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, 5 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों/प्रशासकों और केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया। यह देश के इतिहास में पहला मौका था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में एक साथ शामिल हुए।
बैठक में मध्यपूर्व एशिया संकट, वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, एआई (AI) और अल नीनो के प्रभाव जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की गई।
वैश्विक संकट के बीच भारत का बढ़ता आत्मविश्वास: पीएम मोदी
गवर्निंग काउंसिल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यपूर्व एशिया के मौजूदा संकट की ओर इशारा करते हुए कहा, “दुनिया इस समय अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद, भारत पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।”
नीति आयोग के अनुसार, बैठक में मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने वैश्विक संकट का सामना करने और देश की विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की।
ऊर्जा सुरक्षा और ‘गोवर्धन योजना’ पर लंबी चर्चा
नीति आयोग के उपसभापति अशोक लाहिरी ने बैठक के बाद बताया कि ऊर्जा के मुद्दे पर बेहद सकारात्मक बातचीत हुई:
सोलर एनर्जी: घरों की छतों, स्कूलों और सरकारी इमारतों पर सोलर पैनल को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की रणनीति बनी।
न्यूक्लियर एनर्जी: परमाणु ऊर्जा को सुरक्षित बताते हुए इसके निजीकरण और विस्तार से जुड़े ‘शांति एक्ट’ पर चर्चा की गई।
गोवर्धन योजना: अप्रैल 2018 में लॉन्च की गई इस योजना के तहत पशुओं के गोबर और कृषि अपशिष्ट का प्रबंधन कर उसे खाद, बायोगैस और बायो-सीएनजी में बदलने पर जोर दिया गया।
अल-नीनो की चुनौती और जैविक खेती
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अल नीनो (El Niño) के संभावित असर को लेकर प्रधानमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। पीएम ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद यह दर्शाती है कि टिकाऊ कृषि में उनका विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
राज्यों का विज़न और जिला-स्तर पर GDP का आकलन
बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों का विज़न और मांगें सामने रखीं:
तमिलनाडु: पहली बार बैठक में शामिल हुए तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने कहा कि उनका राज्य 2035 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने राज्य के इतिहास का हवाला देते हुए केंद्र से मदद की आवश्यकता जताई, हालांकि उन्होंने कोई विशिष्ट मांग नहीं रखी।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. के वी राजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से जिला-स्तर पर जीडीपी एस्टिमेट्स (GDP Estimates) तैयार करने को कहा है। अब तक देश के 20 राज्यों ने विकसित राज्य बनने का विज़न तैयार कर लिया है, जबकि 10 राज्य अभी इस प्रक्रिया में हैं।
’AI को अवसर के रूप में देखें’ और लखपति दीदी का लक्ष्य दोगुना
पीएम मोदी ने निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और मजबूत बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): डेटा सेंटर और एआई जैसे क्षेत्रों को एक चुनौती के बजाय उभरते हुए अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
MSME और व्यापार: वैश्विक देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ उठाकर युवाओं और लघु उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा किए जाएं।
महिला सशक्तिकरण: प्रधानमंत्री ने राज्यों से ‘लखपति दीदी’ की संख्या को 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में तेजी से काम करने की अपील की।
