नीति आयोग की बैठक: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रस्तुत किया ‘विकसित उत्तराखंड’ का विजन; हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग
नीति आयोग की बैठक: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रस्तुत किया ‘विकसित उत्तराखंड’ का विजन; हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने राज्य की प्राथमिकताओं को साझा किया और हिमालयी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों की ओर देश का ध्यान आकर्षित किया।
1. हिमालयी राज्यों के लिए विशेष वित्तीय सहायता की पैरवी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि हिमालय, गंगा, यमुना और विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंड की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति हैं। उन्होंने नीति आयोग के समक्ष मांग रखी कि:
विशेष नीति समर्थन: हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण (Ecology Conservation) और आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र से विशेष नीतिगत मदद मिले।
दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था: कार्बन न्यूट्रैलिटी, ग्रीन एनर्जी और पर्वतीय अवसंरचना विकास (Hill Infrastructure) के लिए दीर्घकालिक बजटीय और वित्तीय सहायता प्रदान करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
2. मानव पूंजी और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार
सीएम धामी ने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प का आधार हमारी मानव पूंजी (Human Capital) है। इसी सोच के साथ उत्तराखंड सरकार मानव संसाधन, शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर काम कर रही है:
आधुनिक आंगनवाड़ी और स्मार्ट क्लास: राज्य में हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है और स्कूलों में स्मार्ट व वर्चुअल क्लासरूम के जरिए कौशल आधारित शिक्षा दी जा रही है।
उद्यमिता पर फोकस: उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध, नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवा सिर्फ रोजगार खोजने वाले न बनकर, रोजगार पैदा करने वाले (Job Creators) बनें।
3. युवाओं को ‘फ्यूचर स्किल्स’ देने पर जोर
भविष्य की तकनीकों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए राज्य में निम्नलिखित योजनाएं लागू की गई हैं:
देवभूमि उद्यमिता विकास योजना और स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम।
औद्योगिक और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना।
राज्य के सभी आईटीआई (ITI) संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में अपग्रेड करना।
4. सस्टेनेबल डेवलपमेंट का ‘राष्ट्रीय मॉडल’ बनेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग, पर्यटन और ऊर्जा को एकीकृत करते हुए विकास का एक समन्वित मॉडल तैयार कर रही है, जिसके परिणाम राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में दिखने लगे हैं। भविष्य के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में इन क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है:
प्राकृतिक खेती, बागवानी (Horticulture) और औषधीय पौधों (जड़ी-बूटी) की खेती।
योग, वेलनेस टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी।
उत्तराखंड को नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करना।
5. सुशासन और तकनीकी नवाचार (Governance & Tech Innovation)
राज्य में पारदर्शिता और प्रभावी शासन लाने के लिए किए गए तकनीकी सुधारों की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने मंच पर रखी:
देवभूमि परिवार पहचान योजना की शुरुआत।
खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली।
भूमि उपयोग परिवर्तन (Land use change) की प्रक्रिया का ऑनलाइन सरलीकरण।
पीरूल (चीड़ की पत्तियां) आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे नवाचार, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय रोजगार भी बढ़ा रहे हैं।
6. पीएम मोदी को बधाई और ‘कुंभ व नंदा राजजात’ का निमंत्रण
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के रिकॉर्ड कार्यकाल (लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने) पर बधाई दी और कहा कि उन्होंने देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित नीति आयोग के सभी सदस्यों को उत्तराखंड में अगले वर्ष आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले और ऐतिहासिक नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने के लिए देवभूमि आने का भावभीना निमंत्रण दिया।
