Thursday, July 23, 2026
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उत्तराखंड में चुनावी बिसात: धामी सरकार ने जारी की दायित्वधारियों की तीसरी सूची, 6 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

उत्तराखंड में चुनावी बिसात: धामी सरकार ने जारी की दायित्वधारियों की तीसरी सूची, 6 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

​देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की कवायद तेज कर दी है। सरकार ने विभिन्न आयोगों, बोर्डों और सलाहकार समितियों में छह नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपते हुए लगातार तीसरे दिन दायित्वधारियों की तीसरी सूची जारी की है।

​इस कदम के साथ ही उत्तराखंड में विभिन्न पदों पर नियुक्त दायित्वधारियों की कुल संख्या अब 100 के आंकड़े को पार कर चुकी है। ताजा सूची में देहरादून, उधम सिंह नगर और चंपावत जैसे जिलों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया है।

​इन 6 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी (पूरी सूची):

​उत्तराखंड शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार इन वरिष्ठ नेताओं को उपाध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है:

​ओमवीर सिंह राघव (देहरादून): उपाध्यक्ष, गन्ना विकास सलाहकार समिति

​धीरेंद्र पंवार (देहरादून): उपाध्यक्ष, मीडिया सलाहकार समिति

​भूपेंद्र कंडारी (देहरादून): उपाध्यक्ष, गौ सेवा आयोग

​ले. कर्नल (सेवानिवृत्त) रघुवीर सिंह भंडारी: उपाध्यक्ष, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति

​रणजीत सिंह नामधारी (उधम सिंह नगर): उपाध्यक्ष, पशु कल्याण बोर्ड

​किरन (चंपावत): उपाध्यक्ष, सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद

​संगठन को एकजुट करने और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी वर्ष में चरणबद्ध तरीके से की जा रही इन नियुक्तियों के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

​समन्वय और सम्मान: भाजपा संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाना तथा लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित पुराने कार्यकर्ताओं व पूर्व पदाधिकारियों को सम्मान देना।

​क्षेत्रीय संतुलन: गन्ना विकास, मीडिया, गौ सेवा, आपदा प्रबंधन जैसे विभागों के साथ-साथ ‘सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद’ में नियुक्ति देकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को भी महत्व देने का संदेश दिया गया है।

​शासन और विभागीय योजनाओं की होगी बेहतर निगरानी

​धामी सरकार का मानना है कि विकास योजनाओं और जनहित कार्यक्रमों की जमीनी निगरानी के लिए अनुभवी और क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। इन आयोगों और सलाहकार समितियों के सक्रिय होने से विभागीय योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और जनता से सीधे जुड़े मुद्दों पर सरकार को सीधे फीडबैक व सुझाव मिल सकेंगे। आने वाले दिनों में दायित्वधारियों की कुछ और सूचियां जारी होने की भी संभावना जताई जा रही है।

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