झूठे यौन उत्पीड़न के कबूलनामे पर विवादों में घिरीं शिल्पा शिंदे, आलोचना के बीच सोशल मीडिया पर लिखा- ‘जो उखाड़ना है उखाड़ लो’
झूठे यौन उत्पीड़न के कबूलनामे पर विवादों में घिरीं शिल्पा शिंदे, आलोचना के बीच सोशल मीडिया पर लिखा- ‘जो उखाड़ना है उखाड़ लो’
मुंबई: टीवी सीरियल ‘भाबीजी घर पर हैं’ फेम एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। हाल ही में भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में शिल्पा ने कबूल किया कि उन्होंने शो के प्रोड्यूसर पर यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) का झूठा आरोप लगाया था। इस कबूलनामे के बाद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनके खिलाफ भारी आक्रोश है। पूजा बेदी और हिना खान जैसी अभिनेत्रियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि ऑल इंडिया सीने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर एक्ट्रेस के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
चौतरफा आलोचना के बीच शिल्पा शिंदे के तल्ख तेवर
चारों तरफ हो रही आलोचनाओं और कानूनी कार्रवाई की मांग के बावजूद शिल्पा शिंदे के तेवरों में कोई नरमी नहीं आई है। उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए आलोचकों को खुली चुनौती दी है।
वीडियो में लिखा है, “औरत बनो, हमेशा ये कहने के लिए तैयार रहो- जो उखाड़ना है उखाड़ लो।” इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, “जलने वालों जलते रहो, अपना खून किसी जरूरतमंद को मत दो, जला जला के खत्म कर दो।”
अफवाहें फैलाने वालों को दी नसीहत
शिल्पा ने एक और वीडियो पोस्ट कर पीआर (PR) एजेंसियों और अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कैप्शन में यौन उत्पीड़न की परिभाषा लिखते हुए लिखा:
”अपना काम करते रहो पीआर। लेकिन, केस के बारे में झूठी अफवाहें फैलाना बंद करो। यौन उत्पीड़न किसी भी अवांछित यौन व्यवहार को कहते हैं जिससे व्यक्ति असहज, भयभीत, अपमानित या आहत महसूस करता है… इसलिए अपनी मनगढ़ंत थ्योरी फैलाना बंद करें। जागो ग्राहक जागो।”
वीडियो देखकर भड़के सोशल मीडिया यूजर्स
एक्ट्रेस का यह रवैया देखने के बाद नेटिजंस का गुस्सा और बढ़ गया है। लोग उन्हें झूठे आरोप लगाकर किसी की जिंदगी और करियर दांव पर लगाने के लिए जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं।
शिल्पा द्वारा अपने पोस्ट पर कमेंट्स सीमित (कमेंट सेक्शन लॉक) करने को लेकर एक यूजर ने लिखा, “किसी की जिंदगी बर्बाद करके ये कहना कितना आसान है। जिम्मेदारी और जवाबदेही का मतलब समझो। तुम्हें किसी बात पर गर्व नहीं होना चाहिए… और हां, कमेंट्स को सीमित करना बड़ी हिम्मत की बात है, हाहा। लोगों को अपनी बात कहने दो ना?”
