प्रग्गनानंदा ने रचा इतिहास: ऐतिहासिक वापसी के साथ जीता ‘नॉर्वे चेस चैंपियनशिप’ का खिताब
प्रग्गनानंदा ने रचा इतिहास: ऐतिहासिक वापसी के साथ जीता ‘नॉर्वे चेस चैंपियनशिप’ का खिताब
भारतीय शतरंज के उभरते सितारे ग्रैंडमास्टर आर. प्रग्गनानंदा रमेशबाबू ने सुपर टूर्नामेंट में अब तक की सबसे बड़ी वापसी करते हुए नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। वे इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। प्रग्गनानंदा ने क्लासिकल चेस इवेंट के 10वें और आखिरी राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को मात देकर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
शुक्रवार को खेले गए टूर्नामेंट के 10वें और अंतिम दौर में सभी की नजरें प्रग्गनानंदा पर थीं, क्योंकि वह ओवरनाइट लीडर वेस्ली सो से आधा पॉइंट पीछे चल रहे थे। सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रग्गनानंदा ने मिड-गेम (बीच के गेम) में कीमर की गलतियों का फायदा उठाया और 45वीं चाल में शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ प्रग्गनानंदा ने टूर्नामेंट का अंत 18 पॉइंट्स के साथ किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 जीत, 2 हार और 2 ड्रॉ दर्ज किए। उनके दोनों ड्रॉ मैचों का फैसला आर्मागेडन (Armageddon) गेम में हुआ, जिसमें उन्होंने बाजी मारी।
आखिरी राउंड का रोमांच और अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में एक विशेष अंक प्रणाली लागू थी, जिसके तहत मुख्य मैच में जीत पर 3 पॉइंट और ड्रॉ पर 1-1 पॉइंट मिलते थे। मैच ड्रॉ होने की स्थिति में आर्मागेडन मुकाबला खेला जाता था, जिसे जीतने वाले को 1 अतिरिक्त बोनस पॉइंट मिलता था।
दुनिया के पूर्व नंबर 4 खिलाड़ी वेस्ली सो रातभर की बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन अंत में वे विजेता से महज 1 अंक पीछे रह गए। उन्होंने आखिरी राउंड में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ ड्रॉ खेला और टूर्नामेंट को 17 अंकों के साथ समाप्त किया। उनके खाते में 2 जीत और 8 ड्रॉ रहे, जिनमें से 6 आर्मागेडन मुकाबलों में उन्होंने जीत हासिल की। 10वें राउंड में वेस्ली सो ने 1.5 अंक जुटाए, जबकि फिरोजा केवल 1 अंक ही हासिल कर सके। इसके साथ ही ईरानी मूल के फ्रांसीसी खिलाड़ी अलीरेजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन, जो इस टूर्नामेंट में दो बार आर. प्रग्गनानंदा से हार गए, 13 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 3 मैच जीते, 4 हारे और 3 ड्रॉ खेले। उन्हें दो ड्रॉ मुकाबलों में आर्मागेडन जीत के जरिए अतिरिक्त पॉइंट मिले। कार्लसन ने आखिरी राउंड में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमाराजू को हराकर अपने घरेलू टूर्नामेंट का अंत जीत के साथ किया।
जर्मनी के विंसेंट कीमर 11 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहे, जबकि भारत के मौजूदा क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमाराजू एक जीत, पांच हार और चार ड्रॉ से केवल आठ पॉइंट्स के साथ छठे और आखिरी स्थान पर रहे।
आखिरी स्थान से चैंपियन बनने का सफर (रिकॉर्ड तोड़ वापसी)
1 जून को जारी ताजा विश्व रैंकिंग में प्रग्गनानंदा 16वें स्थान पर खिसक गए थे और इस टूर्नामेंट के छठे राउंड के बाद वे अंक तालिका में सबसे नीचे यानी छठे स्थान पर थे। हालांकि, इसके बाद उन्होंने लगातार चार मुकाबले जीतकर शानदार वापसी की।
इस दौरान उन्होंने मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार हराया और अंतिम से पहले वाले राउंड में अपने हमवतन डी. गुकेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की। इन जीतों के बूते वह खिताब की दौड़ में शामिल हुए। साल 2021 में मैग्नस कार्लसन के बाद प्रग्गनानंदा पहले ऐसे खिलाड़ी बने हैं, जिसने इस टूर्नामेंट में लगातार चार मैच जीतने का कारनामा किया है।
