TMC सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित; महिला सांसदों पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
TMC सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित; महिला सांसदों पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और अधिवक्ता कल्याण बनर्जी को सदन की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन पर लोकसभा में महिला सांसदों के प्रति असंसदीय और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा है, जिसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लाए गए निलंबन प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दे दी।
सदन में क्या हुआ और क्यों हुई कार्रवाई?
आपत्तिजनक टिप्पणी: कल्याण बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने संसद में टीएमसी की बागी महिला सांसदों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित बयान दिए।
महिला सांसदों की शिकायत: कई महिला सांसदों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की।
निलंबन का प्रस्ताव: शिकायतों के आधार पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी को सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। घोषणा के तुरंत बाद उन्हें सदन परिसर से बाहर जाने का निर्देश दिया गया।
सत्ता पक्ष का रुख: सरकार ने स्पष्ट किया कि महिला सदस्यों के प्रति असंसदीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कठोर कदम अनिवार्य था।
निलंबन से पहले सरकार पर बोला तीखा हमला
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने अपने बयानों पर कायम रहते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधा:
”जब हमारे देश के बच्चे और छात्र सड़कों पर लड़ रहे हों, तो हम चुप नहीं रह सकते। धर्मेंद्र प्रधान को NEET और पेपर लीक विवाद के चलते इस्तीफा देना ही होगा। यह सरकार पेपर लीक करके पैसे लेती है और देश को बेच रही है।”
पार्टी के भीतर भी बागी तेवर: ‘कालीघाट सूत्र’ पर फोड़ा बम
संसद में निलंबन से ठीक पहले कल्याण बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक नेतृत्व के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपनी ही पार्टी के एक वर्ग पर तीखे प्रहार किए:
शहीद दिवस रैली में अपमान का आरोप: बनर्जी ने लिखा कि तृणमूल कांग्रेस की वार्षिक ‘शहीद दिवस रैली’ में भाषण के दौरान उन्हें बार-बार टोका गया और अपमानित किया गया।
अभिषेक बनर्जी का जिक्र: उन्होंने बताया कि जब अभिषेक बनर्जी और फिर ममता बनर्जी मंच पर पहुंचे, तो उन्हें बार-बार भाषण रोकने के लिए मजबूर किया गया।
’कालीघाट सूत्र’ पर तंज: ममता बनर्जी के आवास क्षेत्र (कालीघाट) का संदर्भ देते हुए कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर सक्रिय “कालीघाट सूत्र” उनके खिलाफ मीडिया में झूठी खबरें फैला रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा, “ये ‘कालीघाट सूत्र’ पार्टी को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे।”
बनर्जी ने याद दिलाया कि संकट के दौर में जब कई विधायक बागी हो गए थे, तब भी वे ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे और पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए लगातार जिलों का दौरा करते रहे।
