तमिलनाडु की सियासत में बड़ा धमाका: के. अन्नामलाई का बीजेपी से इस्तीफा, नई पार्टी बनाकर लड़ेंगे 2026 का विधानसभा चुनाव
तमिलनाडु की सियासत में बड़ा धमाका: के. अन्नामलाई का बीजेपी से इस्तीफा, नई पार्टी बनाकर लड़ेंगे 2026 का विधानसभा चुनाव
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुखर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा तुरंत मंजूर भी कर लिया है। बीजेपी को अलविदा कहने के ठीक बाद अन्नामलाई का पहला बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने राज्य में एक नए जन-आंदोलन की शुरुआत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी नई राजनीतिक पार्टी उतारने का खुला एलान कर दिया है।
’मेरे लिए यह तय करना मुश्किल था कि मैं बीजेपी का आदमी हूं या तमिल’
पार्टी छोड़ने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए के. अन्नामलाई ने भावुक और कड़े अंदाज में कहा, “मेरे लिए यह तय करना बहुत मुश्किल दौर था कि मैं बीजेपी का आदमी हूं या पहले एक तमिल हूं। मैंने काफी पहले 4 दिसंबर 2025 को ही केंद्रीय नेतृत्व को बता दिया था कि मैं अपने पद और पार्टी से इस्तीफा देने जा रहा हूं। हालांकि, उस समय पार्टी के शीर्ष नेताओं ने मुझसे आग्रह किया था कि मैं चुनाव (घरेलू/संगठनात्मक) पूरे होने तक रुकूं और उसके बाद ही कोई फैसला लूं।”
’राष्ट्रीय पार्टियां तमिलों की भाषा और भावना नहीं समझ सकीं’
अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे पत्र में राष्ट्रीय दलों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा:
”राष्ट्रीय पार्टियों ने कभी भी उस भाषा और लहजे में बात नहीं की जिसे तमिलनाडु के आम लोग आसानी से समझ सकें और जिससे वे जुड़ाव महसूस करें। मैंने बीजेपी में रहते हुए इस रूढ़िवादी सोच और धारणा को बदलने की पूरी कोशिश की। कई तरह की अंदरूनी और बाहरी रुकावटों, विरोधों और बाधाओं के बावजूद मैं काफी हद तक इसमें सफल भी रहा हूं।”
इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले अटूट समर्थन के लिए बीजेपी के केंद्रीय और वरिष्ठ नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया।
’वी द लीडर्स’ पहल बनेगी नई पार्टी का आधार, युवाओं को जोड़ने का प्लान
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह अब तमिलनाडु के कोने-कोने में जाकर युवा और ऊर्जावान नेताओं की पहचान करने, उन्हें राजनीतिक ट्रेनिंग देने और भविष्य के लिए तैयार करने पर केंद्रित एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में इसी आंदोलन को एक पूर्ण राजनीतिक दल (पार्टी) का रूप दिया जाएगा। अन्नामलाई पहले से ही ‘वी द लीडर्स’ (We The Leaders) नाम से एक सामाजिक पहल चला रहे हैं, जो उनके इस नए और बड़े राजनीतिक प्रोजेक्ट के लिए मजबूत आधार का काम करेगी।
’कोई नुकसान नहीं होगा’ — अन्नामलाई के जाने पर बोली बीजेपी
अन्नामलाई के इस बड़े कदम पर बीजेपी की ओर से भी त्वरित प्रतिक्रिया आई है। तमिलनाडु बीजेपी के वर्तमान अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि के. अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने से बीजेपी को राज्य में कोई नुकसान नहीं होने वाला है, पार्टी अपनी मजबूती के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी: क्यों नाराज थे अन्नामलाई?
इस्तीफे का आधिकारिक एलान करने से ठीक पहले अन्नामलाई दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर लंबी मुलाकात की थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अन्नामलाई पिछले कुछ समय से केंद्रीय आलाकमान के फैसलों से असंतुष्ट चल रहे थे।
विशेषकर, उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु इकाई का पूर्ण अध्यक्ष नियुक्त किए जाने और राज्य में साल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अन्नामलाई की मर्जी के खिलाफ जाकर एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ दोबारा चुनावी गठबंधन बहाल किए जाने के बाद से ही उनकी नाराजगी चरम पर थी। आखिरकार, उन्होंने बीजेपी से अपनी राहें जुदा कर तमिलनाडु की क्षेत्रीय सियासत में अपनी नई पारी खेलने का मन बना लिया है।
