नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: चमोली की नीति घाटी में थमा रोमांच का महाकुंभ, सेना और नागरिक समन्वय की अनूठी मिसाल
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: चमोली की नीति घाटी में थमा रोमांच का महाकुंभ, सेना और नागरिक समन्वय की अनूठी मिसाल
चमोली (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के चमोली जनपद की दुर्गम, सुरम्य और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित तीन दिवसीय “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” का सफल समापन हो गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में 31 मई से 02 जून तक आयोजित इस भव्य एडवेंचर इवेंट ने राज्य के साहसिक पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और अदम्य साहस का परिचय दिया।
दुर्गम रास्तों पर अदम्य साहस: 75 किमी अल्ट्रा रन से लेकर एमटीबी चैलेंज तक
समुद्र तल से हजारों फीट की ऊँचाई पर कम ऑक्सीजन, पथरीले मार्ग, कठिन चढ़ाई और लगातार बदलते मौसम की चुनौतियों के बीच इस प्रतियोगिता को विभिन्न श्रेणियों में आयोजित किया गया था। इसमें 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर रन और माउंटेन बाइकिंग (MTB) चैलेंज शामिल रहे।
गमसाली से मलारी एमटीबी चैलेंज के परिणाम:
आयोजन के अंतिम दिन गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर और 15 किलोमीटर की एमटीबी (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 100 से अधिक साइकिलिस्टों ने हिस्सा लिया।
30 किमी पुरुष वर्ग: खरिकसिंग अडॉनिस तांगपू ने प्रथम, सूरज राणा मगर ने द्वितीय और प्रकाश थापा मगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
30 किमी महिला वर्ग: अवनी डरियाल ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि संध्या मौर्या दूसरे और इंद्रा कुमारी तमांग तीसरे स्थान पर रहीं।
15 किमी पुरुष वर्ग: प्रज्जवल चौहान प्रथम, इशांत सिंह अधिकारी द्वितीय और अश्विन रौथान तृतीय स्थान पर रहे।
15 किमी महिला वर्ग: प्रिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन का बेजोड़ समन्वय
इस बड़े आयोजन की सफलता की सबसे बड़ी रीढ़ भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच का उत्कृष्ट समन्वय रहा। नीति घाटी जैसे सीमित संसाधनों वाले सुदूर क्षेत्र में भारतीय सेना ने प्रतिभागियों के लिए टेंट व्यवस्था, भोजन, चिकित्सा सहायता, मार्ग सुरक्षा, संचार नेटवर्क और आपातकालीन निकासी (Emergency Evacuation) की बेहद पुख्ता व्यवस्था की थी।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए पूरे रूट पर जगह-जगह मेडिकल पोस्ट स्थापित किए गए थे, जहाँ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और एम्बुलेंस की चौबीसों घंटे तैनाती रही।
’वाइब्रेंट विलेज’ पहल को गति और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट
यह आयोजन केंद्र सरकार की “वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज” परिकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। इस आयोजन से नीति घाटी के सीमांत गांवों में आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों और धावकों के कारण स्थानीय होमस्टे संचालकों, दुकानदारों, परिवहन सेवा प्रदाताओं और गाइडों को प्रत्यक्ष स्वरोजगार मिला।
विशेष रूप से स्थानीय महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस खेल आयोजन को एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया। देश-विदेश से आए लोगों ने नीति घाटी की पारंपरिक संस्कृति, आतिथ्य सत्कार और प्राकृतिक सुंदरता की जमकर सराहना की।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की ओर अग्रसर
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 ने यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड की सीमांत घाटियाँ केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे साहसिक खेल और इको-टूरिज्म का भी एक बड़ा केंद्र बन सकती हैं। नीति घाटी की भौगोलिक परिस्थितियाँ और हिमालयी ट्रैक इसे वैश्विक स्तर के एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पूरी तरह उपयुक्त बनाते हैं। आने वाले समय में इस आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने की योजना है, जिससे सीमांत क्षेत्रों में स्थायी रोजगार और मजबूत बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
