उत्तराखंड में चारधाम यात्रा: गंगोत्री में भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट, जोशीमठ-मारवाड़ी हाईवे पर जाम से निपटने के लिए ‘गेट सिस्टम’ लागू
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा: गंगोत्री में भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट, जोशीमठ-मारवाड़ी हाईवे पर जाम से निपटने के लिए ‘गेट सिस्टम’ लागू
उत्तरकाशी/जोशीमठ: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है, जहां देश-विदेश से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के चलते एक ओर जहां यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक का भारी दबाव देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण नदी-घाटों पर भी चुनौतियां बढ़ गई हैं।
ताजा स्थिति को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने गंगोत्री धाम में भागीरथी (गंगा) नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। वहीं, चमोली जिले के जोशीमठ में लग रहे भीषण जाम से निपटने के लिए प्रशासन को ‘गेट सिस्टम’ और ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू करनी पड़ी है।
गंगोत्री धाम: उफान पर भागीरथी, रील-सेल्फी बनाने पर पूरी तरह रोक
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे तापमान और ग्लेशियरों के पिघलने के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का बहाव बेहद तेज और वेग अत्यंत तीव्र हो गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं:
घाटों पर दोहरी सुरक्षा रस्सी: श्रद्धालुओं को तेज बहाव की चपेट में आने से बचाने के लिए प्रमुख स्नान घाटों पर दोहरी सुरक्षा रस्सियां, लोहे की जंजीरें और बैरिकेडिंग लगाई गई है।
रील और सेल्फी पर सख्त मनाही: पुलिस-प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि उफनती नदी के किनारों, फिसलन भरे पत्थरों और संवेदनशील स्थानों पर जाकर सेल्फी लेना, फोटो खींचने या सोशल मीडिया के लिए रील बनाना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित घाटों का ही करें प्रयोग: यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल उन्हीं घाटों पर स्नान करें जो अधिकृत हैं और जहां जल पुलिस व एसडीआरएफ (SDRF) के जवान तैनात हैं।
जोशीमठ: 8 किमी लंबा भीषण जाम, 4 दिनों से बेहाल थे यात्री
बदरीनाथ धाम के साथ-साथ अब हेमकुंड साहिब की यात्रा भी शुरू हो चुकी है, जिसके कारण जोशीमठ रूट पर वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया है। जोशीमठ के जीरो बैंड से लेकर मारवाड़ी तक करीब 8 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सड़क संकरी होने के कारण पिछले चार दिनों से दिन-रात भीषण जाम लग रहा था।
सड़कों पर घंटों फंसे रहने के कारण तीर्थयात्रियों को खाने-पीने और जरूरी सामानों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
राहत के लिए लागू हुआ ‘गेट सिस्टम’ और ‘वन-वे’ रूट
सड़कों पर रेंगते वाहनों और पुलिस-प्रशासन के छूटते पसीने को देखते हुए जोशीमठ प्रशासन ने यातायात को सुचारू करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। जोशीमठ के पेट्रोल पंप से लेकर मारवाड़ी तक अब गेट सिस्टम (Gate System) लागू कर दिया गया है।
कैसी होगी नई व्यवस्था:
आधे-आधे घंटे का अंतराल: इस व्यवस्था के तहत एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहनों को आगे जाने की अनुमति होगी, जबकि दूसरी दिशा से आने वाले वाहनों को रोक दिया जाएगा।
वैकल्पिक आवाजाही: हर आधे घंटे के अंतराल पर दोनों ओर से बारी-बारी वाहनों को छोड़ा जाएगा, जिससे संकरी सड़कों पर दो गाड़ियां आमने-सामने नहीं फंसेंगी।
”यात्रियों की सुविधा और जाम की समस्या से तुरंत राहत दिलाने के लिए यह गेट सिस्टम लागू किया गया है। आधे-आधे घंटे के अंतराल में दोनों तरफ से वाहनों को छोड़ा जाएगा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से संचालित हो सके और श्रद्धालु बिना परेशानी अपनी यात्रा पूरी कर सकें।”
— चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम (SDM), जोशीमठ
इस नई व्यवस्था के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें खुद मौके पर मुस्तैद रहकर ट्रैफिक को संभाल रही हैं, जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
