भारतीय सड़कों पर EV क्रांति: तीन-पहिया (3W) बाजार के 60% हिस्से पर इलेक्ट्रिक का कब्जा
भारतीय सड़कों पर EV क्रांति: तीन-पहिया (3W) बाजार के 60% हिस्से पर इलेक्ट्रिक का कब्जा
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की रफ्तार अब थमने का नाम नहीं ले रही है। सबसे बड़ा बदलाव देश के तीन-पहिया (Three-Wheeler) सेगमेंट में देखने को मिल रहा है, जहां पारंपरिक पेट्रोल, डीजल और सीएनजी ऑटो को पछाड़कर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स ने बाजार पर अपना दबदबा बना लिया है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल थ्री-व्हीलर रिटेल मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 60.4% तक पहुंच गई है। यानी देश की सड़कों पर बिकने वाले हर 10 नए थ्री-व्हीलर्स में से 6 से ज्यादा वाहन अब बैटरी से चलने वाले हैं।
क्यों आ रहा है यह बड़ा उछाल?
थ्री-व्हीलर सेगमेंट में इस ऐतिहासिक बदलाव के पीछे कई बड़े व्यावहारिक और आर्थिक कारण हैं:
कम रनिंग कॉस्ट (चलाने का खर्च): पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के मुकाबले इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को चार्ज करने और चलाने का खर्च बेहद कम आता है, जिससे ऑटो चालकों की दैनिक कमाई में भारी इजाफा हुआ है।
लास्ट-माइल डिलीवरी की मांग: ई-कॉमर्स कंपनियों (जैसे Amazon, Flipkart, BigBasket) द्वारा लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक कार्गो थ्री-व्हीलर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सरकारी नीतियां और सब्सिडी: पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) जैसी सरकारी योजनाओं और फेम (FAME) सब्सिडी के निरंतर सहयोग ने इन वाहनों को किफायती बनाए रखा है।
बाजार के बड़े खिलाड़ी: कौन है सबसे आगे?
ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज और संगठित कंपनियों (OEMs) ने इस सेगमेंट में अपनी पकड़ को बहुत मजबूत कर लिया है। हालिया मासिक रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन इस प्रकार है:
Mahindra Group: महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी के दम पर कंपनी इस मार्केट में टॉप पर बनी हुई है। महिंद्रा ने एक ही महीने में 10,292 यूनिट्स की शानदार बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 82% की सालाना ग्रोथ है।
Bajaj Auto: दूसरे नंबर पर बजाज ऑटो ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। बजाज ने करीब 9,725 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की रिटेल बिक्री के साथ महिंद्रा को कड़ी टक्कर दी है।
TVS Motor Company: टीवीएस इस सेगमेंट में सबसे तेजी से उभरते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। कंपनी की बिक्री 1,207 यूनिट्स से बढ़कर सीधे 3,046 यूनिट्स पर जा पहुंची है, जो 150% से ज्यादा की सालाना वृद्धि है।
अन्य कंपनियाँ: इनके अलावा YC इलेक्ट्रिक (1,932 यूनिट्स), सायरा इलेक्ट्रिक और दिल्ली इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियाँ भी पैसेंजर और ई-रिक्शा सेगमेंट में लगातार योगदान दे रही हैं।
भविष्य की राह: यात्री और कार्गो दोनों में दबदबा
विशेषज्ञों का मानना है कि थ्री-व्हीलर सेगमेंट में आई यह क्रांति इस बात का सबूत है कि कमर्शियल उपयोग के लिए ईवी तकनीक पूरी तरह व्यावहारिक और सफल साबित हो चुकी है। आने वाले समय में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वैपेबल बैटरी (बैटरी बदलने की सुविधा) के विस्तार के साथ यह हिस्सेदारी 70% से 80% तक पहुंचने की उम्मीद है।
