‘गला काट दो, लेकिन झुकूंगा नहीं’: सुरक्षा हटने और KMC-CID के नोटिस पर बिफरे TMC सांसद अभिषेक बनर्जी
‘गला काट दो, लेकिन झुकूंगा नहीं’: सुरक्षा हटने और KMC-CID के नोटिस पर बिफरे TMC सांसद अभिषेक बनर्जी
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ हो रही चौतरफा जांच और नोटिस की कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर सीआईडी (CID) अधिकारी से नोटिस तामिल होने के बाद बनर्जी ने साफ किया कि वे दबाव की राजनीति के आगे घुटने टेकने वाले नहीं हैं।
”मुझे झुकाने के लिए 7 जन्म लेने पड़ेंगे”
जांच एजेंसियों के बढ़ते दायरे पर तंज कसते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा:
”उन्हें जो करना है करने दें, वे जो चाहें कर सकते हैं। पहले केवल ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) थीं, लेकिन अब बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और केएमसी (KMC) भी इसमें शामिल हो गए हैं। पहले सिर्फ 2-3 एजेंसियां थीं, अब 5 हैं। अगर उन्हें लगता है कि वे मेरे पीछे एजेंसियां भेजकर, ब्लैकमेल कर मुझे झुका देंगे, तो वे गलत हैं। मैं वैसा व्यक्ति नहीं हूँ। आप चाहे मेरा गला काट दें, लेकिन मुझे झुकाने के लिए आपको 10 बार सोचना पड़ेगा और 7 जन्म लेने पड़ेंगे। मैं गद्दार नहीं हूँ।”
खुद सामने आकर लिया CID का नोटिस
सीआईडी द्वारा नोटिस सौंपे जाने के घटनाक्रम पर बोलते हुए टीएमसी सांसद ने कहा कि अधिकारियों को उन्हें नोटिस देना था और वे खुद इसे लेने के लिए इंतजार कर रहे थे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अधिकारी गलती से कहीं और चले गए थे क्योंकि उन्हें पता नहीं था कि मैं कहां रहता हूं। बनर्जी ने कहा, “मैंने साफ़ कह दिया है कि अगर कोई मुझे नोटिस देना चाहता है, तो मैं यहीं हूँ।”
चुनाव नतीजों के बाद बदले हालात: सुरक्षा में कटौती और संपत्तियों की जांच
बीते 4 मई को आए चुनाव नतीजों के बाद से अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है:
सुरक्षा व्यवस्था में कटौती: राज्य सरकार ने अभिषेक बनर्जी की उस हाई-प्रोफाइल सुरक्षा को वापस ले लिया है, जो उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान मिली हुई थी। अब उन्हें केवल एक लोकसभा सदस्य (MP) के नाते मिलने वाली सामान्य सुरक्षा ही दी गई है।
KMC का शिकंजा (17 संपत्तियों को नोटिस): कोलकाता नगर निगम (KMC) ने ऐसी 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किया है, जिनका मालिकाना हक या तो अकेले अभिषेक बनर्जी के पास है या वे उसमें सह-मालिक (Co-owner) हैं।
अवैध निर्माण की जांच: नगर निगम ने इन सभी संपत्तियों की ‘एलिवेशन कॉपी’ (Elevation Copy) मांगी है, ताकि यह बारीकी से जांचा जा सके कि क्या इन इमारतों के मूल ढांचे में बिना अनुमति के कोई अवैध बदलाव या अतिरिक्त निर्माण तो नहीं किया गया है।
