Sunday, May 31, 2026
राष्ट्रीय

मौसम का यू-टर्न: उत्तर और मध्य भारत को आंधी-बारिश से मिली बड़ी राहत; जानें दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान और झारखंड का हाल

मौसम का यू-टर्न: उत्तर और मध्य भारत को आंधी-बारिश से मिली बड़ी राहत; जानें दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान और झारखंड का हाल

​नई दिल्ली: देश के अधिकांश हिस्सों को झुलसा रही भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के बीच मौसम ने अचानक करवट बदली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय मौसमी प्रणालियों की सक्रियता के चलते उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई है। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 3-4 जून के बाद मौसम साफ होते ही पारा एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ेगा।

​दिल्ली-एनसीआर: अचानक बदला मिजाज, संडे के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी

​शनिवार को दिल्ली और पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और धूल भरी आंधी के बाद हुई तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया।

​31 मई का पूर्वानुमान: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। दोपहर और शाम के समय ‘थंडरस्टॉर्म विद रेन’ (गरज-चमक के साथ बारिश) की प्रबल संभावना है।

​हवा की रफ्तार: इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने की उम्मीद है।

​जून की शुरुआत: 1 जून को पारा 38°C, 2 जून को 39°C और 3 जून तक आसमान साफ होते ही तापमान फिर से 40°C को पार कर जाएगा।

​उत्तर प्रदेश: लखनऊ में सामान्य से 6 डिग्री गिरा पारा, आंधी-बिजली की चेतावनी

​यूपी के कई हिस्सों में शनिवार को हुई बारिश ने तपती गर्मी से बड़ी राहत दी।

​लखनऊ का हाल: राजधानी लखनऊ में शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम यानी 34°C दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी 24.5°C रहा।

​अगले 24 घंटे: मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी राज्य के अलग-अलग जिलों में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने, वज्रपात (बिजली गिरने) और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

​मध्य प्रदेश: मानसून की दस्तक के साथ भारी बारिश और ओले का अलर्ट

​दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं का दौर शुरू हो गया है।

​भारी बारिश की चेतावनी: आईएमडी ने 31 मई को मंदसौर और नीमच जिलों में भारी बारिश के साथ ओले गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

​इन जिलों में दिखेगा असर: ग्वालियर, दतिया, भिंड, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम बेहद आक्रामक रहेगा। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, सीहोर और देवास में 3 जून तक गरज-चमक बनी रहेगी।

​राजस्थान: 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, अधिकतम तापमान 44°C से नीचे

​राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 4-5 दिनों तक आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

​दोपहर के बाद राज्य के कई संभागों में धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

​राहत की बात यह है कि इस मौसमी तंत्र के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 44°C से नीचे बना रहेगा, जिससे लू से बड़ी राहत मिलेगी।

​झारखंड: 13 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, पारे में 7 डिग्री की गिरावट

​झारखंड में दो अलग-अलग निम्न दबाव प्रणालियों (Low Pressure Systems) के सक्रिय होने के कारण मौसम पूरी तरह बदल गया है।

​रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को रांची, रामगढ़, बोकारो, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और गोड्डा सहित 13 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

​राज्य में अधिकतम तापमान में 7°C तक की भारी गिरावट आई है, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, अगले चार दिनों में यहाँ फिर से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने के आसार हैं।

​मानसून को लेकर आईएमडी की बड़ी अपडेट: इस बार सामान्य से कम रह सकती है बारिश

​मौसम विभाग ने देश में मानसून की प्रगति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है:

​आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां: अगले 4-5 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

​केरल में कम वर्षा का अनुमान: केरल आईएमडी की निदेशक नीथा के. गोपाल के अनुसार, इस बार केरल सहित भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

​पूरे जून महीने में केरल और आसपास के राज्यों में कम बारिश होगी। हालांकि, 10 जून के आसपास एक बार अच्छी बारिश का स्पेल (दौर) आएगा, लेकिन उसके बाद मानसून की रफ्तार फिर से कमजोर पड़ सकती है।

​प्रशासन की अपील और किसानों को सलाह: मौसम के इस आक्रामक मिजाज को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा टालने और खुले में न रहने की अपील की है। किसानों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि खेतों में काम करते समय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर शरण न लें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें।

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