उत्तर भारत को नए एक्सप्रेसवे की सौगात: केंद्र सरकार ने NI-5 (दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे) को किया अधिसूचित, सिर्फ 6-8 घंटे में होगी वैष्णो देवी की यात्रा
उत्तर भारत को नए एक्सप्रेसवे की सौगात: केंद्र सरकार ने NI-5 (दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे) को किया अधिसूचित, सिर्फ 6-8 घंटे में होगी वैष्णो देवी की यात्रा
नई दिल्ली: उत्तर भारत में रोड कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने NI-5 एक्सप्रेसवे (दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे) को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित (Notify) कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत अधिसूचना जारी कर इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल कर लिया है। 2026 के आखिर तक इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर ग्राउंड वर्क शुरू होने की उम्मीद है।
वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत, आधा हो जाएगा समय
वर्तमान में सड़क मार्ग से दिल्ली से कटरा (जम्मू-कश्मीर) पहुंचने में करीब 15 से 17 घंटे का लंबा समय लगता है।
दूरी होगी आसान: इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद दिल्ली से कटरा का सफर महज 6 से 8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
इससे माता वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों की यात्रा न सिर्फ बेहद सुगम होगी, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
कहाँ से शुरू और कहाँ खत्म होगा यह एक्सप्रेसवे? (Route & Connectivity)
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली-NCR में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के साथ चार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आपस में जोड़ेगा:
शुरुआत: यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के पास NH-344 M से शुरू होगा।
कनेक्टिविटी: आगे बढ़ते हुए यह जसौर खेरी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
समापन: हरियाणा और पंजाब के कई प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ते हुए यह कॉरिडोर कटरा के पास NH-144 पर जाकर समाप्त होगा।
हरियाणा और पंजाब के इन शहरों से होकर गुजरेगा रूट
यह एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के औद्योगिक और ग्रामीण इलाकों को सीधा फायदा पहुंचाएगा:
हरियाणा: गोहाना, खरखौदा, कलायत, बुटाना और बारटा।
पंजाब: करतारपुर, गुरदासपुर बाईपास, पाट्रान, मलेरकोटला, मुल्लांपुर दाखा, अहमदगढ़, भवानीगढ़ और नूरमहल।
आर्थिक विकास और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
व्यापार और खेती को फायदा: इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। किसानों और स्थानीय व्यवसायियों को दिल्ली और अन्य बड़े बाजारों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे माल ढुलाई (Logistics) की लागत और समय दोनों कम होंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: माता वैष्णो देवी के अलावा इसके आसपास के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भी तेजी से विकास होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अगला कदम: DPR और भूमि अधिग्रहण
प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से हरी झंडी और मंजूरी मिलने के बाद अब अगला कदम इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना है। DPR फाइनल होते ही इसके रूट के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
