Friday, May 29, 2026
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उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण तरीके से मनाई गई बकरीद: हरिद्वार और देहरादून में उठी गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग

उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण तरीके से मनाई गई बकरीद: हरिद्वार और देहरादून में उठी गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग

​देहरादून/हरिद्वार:

उत्तराखण्ड में त्याग और समर्पण का प्रतीक पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) पूरे हर्षोल्लास, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। सूबे की राजधानी देहरादून से लेकर हरिद्वार और नैनीताल तक विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, तरक्की व खुशहाली की दुआएं मांगी।

​इस साल ईद की नमाज के बाद उत्तराखण्ड की दो प्रमुख जगहों (हरिद्वार और देहरादून) से देश में गाय को लेकर होने वाले विवादों को समाप्त करने के लिए उसे ‘राष्ट्रीय पशु’ (कौमी जानवर) घोषित करने की मांग ने जोर पकड़ा।

​हरिद्वार: दारुल उलूम रशीदिया ने किया मौलाना अरशद मदनी के बयान का समर्थन

​हरिद्वार जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर कड़े सुरक्षा घेरे के बीच शांतिपूर्वक नमाज संपन्न हुई। ज्वालापुर स्थित ऐतिहासिक मदरसा दारुल उलूम रशीदिया में हजारों लोगों ने नमाज पढ़ी और एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी।

​नमाज के बाद मदरसे के प्रबंधक मौलाना मोहम्मद आरिफ ने प्रख्यात इस्लामी धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान का पुरजोर समर्थन किया।

​कड़े कानून की मांग: मौलाना आरिफ ने केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को ‘कौमी जानवर’ (राष्ट्रीय पशु) घोषित किया जाए और इसके साथ क्रूरता करने या इसे अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ मुजरिम बनाकर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान हो।

​विवादों का अंत: उन्होंने कहा कि यदि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देती है, तो देश में गाय के नाम पर होने वाली राजनीति, मॉब लिंचिंग, आपसी तनाव और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगे और मुसलमानों को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।

​कुर्बानी के नियमों का पालन: उन्होंने समाज से अपील की कि कहीं पर भी खुले या अवैध तरीके से कुर्बानी न दी जाए और प्रशासन के नियमों का पूरी तरह पालन कर आपसी सौहार्द बनाए रखा जाए।

​देहरादून: ईदगाह के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर मुस्लिम संगठन ने किया प्रदर्शन

​राजधानी देहरादून में भी बकरीद का पर्व बेहद शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, चकराता रोड स्थित मुख्य ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। संगठन के लोग हाथों में तख्तियां लेकर खड़े हुए, जिन पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग लिखी थी।

​संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा:

​”देश में केवल चुनाव और राजनीतिक लाभ के लिए गाय के मुद्दे को उठाया जाता है और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जाता है। हमारा संगठन लंबे समय से यह मांग कर रहा है कि यदि गाय वास्तव में आस्था और सम्मान का विषय है, तो सरकार इसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं करती? इस मुद्दे पर राजनीति बंद होनी चाहिए और सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।”

​नैनीताल: हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद खुले मैदान (DSA) में हुई नमाज

​नैनीताल में इस बार ईद-उल-अजहा की नमाज बेहद खास रही। माननीय हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच डीएसए (DSA) खेल मैदान में सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया।

​शहर और आसपास की पहाड़ियों से भारी संख्या में नमाजी मैदान में एकत्र हुए। नमाज के दौरान मौलाना मुफ्ती सैयद ने अपने संबोधन में समाज में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

​पुलिस प्रशासन रहा हाई अलर्ट पर

​पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस महानिदेशक और जिला कप्तानों के आदेश पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हरिद्वार में नमाज से पहले विभिन्न थानों में शांति समितियों (Peace Committees) की बैठकें आयोजित की गई थीं। खुद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने संवेदनशील इलाकों का लगातार हवाई और जमीनी निरीक्षण किया, जिसके चलते पूरे राज्य में त्योहार बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

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