स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है जयपुर का ऐतिहासिक ‘राजमंदिर सिनेमा’, 1 जून को मुफ्त दिखाई जाएंगी ब्लॉकबस्टर फिल्में
स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है जयपुर का ऐतिहासिक ‘राजमंदिर सिनेमा’, 1 जून को मुफ्त दिखाई जाएंगी ब्लॉकबस्टर फिल्में
एशिया के सबसे प्रसिद्ध और भव्य सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में शुमार जयपुर का ऐतिहासिक ‘राजमंदिर सिनेमा’ आगामी 1 जून 2026 को अपनी स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) मनाने जा रहा है। पिछले पांच दशकों से सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाला यह थिएटर अपनी अनूठी वास्तुकला, शाही माहौल और यादगार फिल्मी अनुभवों के लिए जाना जाता है। इस खास मौके पर राजमंदिर प्रबंधन ने दर्शकों को एक अनोखा उपहार देने का फैसला किया है, जिससे फिल्म प्रेमियों में भारी उत्साह है।
1 जून को चलेंगे चार विशेष शो, टिकट रहेंगे पूरी तरह मुफ्त
अपनी 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजमंदिर में पूरे दिन चार विशेष शो आयोजित किए जाएंगे। इन शो के दौरान दर्शकों को भारतीय सिनेमा की कुछ सबसे बड़ी सुपरहिट क्लासिक फिल्मों का नि:शुल्क आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
विशेष प्रदर्शनों के तहत बड़े पर्दे पर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘अमर अकबर एंथोनी’ जैसी ऐतिहासिक फिल्में फिर से दिखाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’ और ‘चुपके-चुपके’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों के अतिरिक्त शो भी रखे जा सकते हैं।
टिकट कैसे मिलेंगे:
इन सभी फिल्मों के टिकट पूरी तरह मुफ्त होंगे, जो दर्शकों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिए जाएंगे। दर्शक इन टिकटों को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म और थिएटर काउंटर दोनों जगहों से प्राप्त कर सकेंगे।
1976 में ‘चरस’ फिल्म से हुई थी शुरुआत
राजमंदिर सिनेमा की शुरुआत 1 जून 1976 को हुई थी, जिसका उद्घाटन राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने किया था। इस थिएटर में प्रदर्शित होने वाली सबसे पहली फिल्म धर्मेंद्र और हेमा मालिनी अभिनीत ‘चरस’ थी। उस दौर में इसकी शानदार रोशनी, विशाल हॉल और भव्य राजसी बनावट लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं थी। धीरे-धीरे यह जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर बन गया और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन गया।
50 वर्षों का सफर और बेमिसाल रिकॉर्ड्स
बीते पांच दशकों में राजमंदिर में 400 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन हो चुका है। इस थिएटर के नाम कई बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं:
75 हफ़्तों का रिकॉर्ड: ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी फिल्मों ने यहां लगातार 75 सप्ताह तक चलकर इतिहास रचा था।
अमिताभ और शाहरुख का क्रेज: अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की फिल्मों के रिलीज के दौरान यहां टिकटों के लिए महीनों पहले से बुकिंग और लंबी कतारें लगना आम बात थी।
मल्टीप्लेक्स संस्कृति के इस दौर में भी राजमंदिर ने अपना पुराना आकर्षण और रुतबा बरकरार रखा है। यहां काम करने वाले पुराने कर्मचारियों के अनुसार, यह थिएटर सिर्फ एक सिनेमाघर नहीं बल्कि कई पीढ़ियों की भावनाओं, खुशियों और यादों का गवाह रहा है। 1 जून को होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल राजमंदिर के 50 साल पूरे होने का जश्न है, बल्कि भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर को फिर से जीने का एक सुनहरा मौका भी है।
