कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची से दरिंदगी: पुलिस अफसरों के हंसने का वीडियो वायरल, भड़का लोगों का गुस्सा
कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची से दरिंदगी: पुलिस अफसरों के हंसने का वीडियो वायरल, भड़का लोगों का गुस्सा
कोयंबटूर: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले से सामने आई एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध को लेकर पहले से ही लोगों में भारी आक्रोश था, लेकिन इसी बीच मामले को लेकर बुलाई गई पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक असंवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
मामला क्या है?
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के सुलूर इलाके में 21 मई 2026 को एक 10 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। 22 मई को बच्ची का शव सुलूर की कन्नमपलायम झील के पास बरामद हुआ। शव पर चोटों के कई गंभीर निशान थे, जो इस वारदात की क्रूरता को साफ बयां कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 मई को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से मुख्य आरोपी बच्ची का पड़ोसी ही बताया जा रहा है।
विवाद की वजह: प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते दिखे पुलिस अधिकारी
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले पर जानकारी देने के लिए पुलिस अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) बुलाई थी। इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अधिकारी समेत कुछ अन्य पुलिस अफसर आपस में हंसते और ठहाके लगाते नजर आ रहे हैं।
एक मासूम बच्ची के साथ हुई इतनी दर्दनाक घटना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिसकर्मियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे “बेशर्मी की हद” करार दिया है और जनता पुलिस अधिकारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही की मांग कर रही है।
पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़ित बच्ची की मां ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मां का आरोप है कि उनकी बेटी के अंतिम संस्कार को लेकर उन्हें सही और समय पर जानकारी नहीं दी गई, साथ ही उनकी सहमति के बिना ही कई फैसले ले लिए गए। हालांकि, इस मामले में सफाई देते हुए पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतका के पिता के हस्ताक्षर लेने के बाद ही शव परिवार को सौंपा गया था।
मुख्यमंत्री ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
मामले की गंभीरता और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक की है। मुख्यमंत्री ने जांच में तेजी लाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे क्रूर अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
