मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में बोट्स पर की कार्रवाई, जवाब में ईरान ने मार गिराया अमेरिकी रीपर ड्रोन
मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में बोट्स पर की कार्रवाई, जवाब में ईरान ने मार गिराया अमेरिकी रीपर ड्रोन
तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में हुआ अस्थायी संघर्ष विराम एक बार फिर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) और बंदर अब्बास पोर्ट के पास अमेरिका और ईरान के बीच भारी सैन्य टकराव की खबर सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले एक अत्याधुनिक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराया है। यह कार्रवाई ठीक उस वक्त हुई जब अमेरिकी हमलों में ईरान के चार सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई।
अमेरिका की कार्रवाई: “आत्मरक्षा में किया हमला”
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे ‘सेल्फ-डिफेंस’ (आत्मरक्षा) में उठाया गया कदम बताया है। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सैनिकों, रणनीतिक संपत्तियों और व्यापारिक युद्धपोतों को सीधे खतरे से बचाने के लिए यह हमला जरूरी था।
बोट्स को बनाया निशाना: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाने के काम में जुटी कुछ संदिग्ध बोट्स को निशाना बनाकर हवाई हमला किया।
मिसाइल साइट्स पर बमबारी: इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट के नजदीक स्थित ‘सरफेस टू एयर’ (सतह से हवा में मार करने वाली) मिसाइल लॉन्च साइट्स को भी ध्वस्त कर दिया। अमेरिका का दावा है कि इन साइट्स से अमेरिकी हितों को खतरा था।
ईरान की विभिन्न समाचार एजेंसियों के अनुसार, बंदर अब्बास में हुए इस अमेरिकी हमले में ‘ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड’ (IRGC) के 4 जवान मारे गए हैं।
ईरान का पलटवार: मार गिराया MQ-9 रीपर ड्रोन
सैनिकों की मौत और अपनी सीमा में हुए हमले से भड़के ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। ईरान की सरकारी ‘मेहर न्यूज एजेंसी’ ने आईआरजीसी (IRGC) के हवाले से बताया कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने अमेरिकी सेना के सबसे घातक माने जाने वाले MQ-9 रीपर ड्रोन (Reaper Drone) को मार गिराया है।
ईरान का आरोप है कि यह अमेरिकी टोही ड्रोन अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था। ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका सीजफायर (संघर्ष विराम) की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो ईरान को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए करारा जवाब देने का पूरा अधिकार है।
”जवाब सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा” — ईरान की खुली चेतावनी
इस ताजा सैन्य झड़प के बाद ईरान के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं। ईरानी सेना के मुख्य प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा:
”अगर हम पर दोबारा इस तरह का कोई भी हमला हुआ, तो हमारा अगला जवाब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, कड़ा और हिंसक होगा। अगली बार ईरान की सैन्य कार्रवाई सिर्फ इस क्षेत्र (मिडल ईस्ट) तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके दायरे को बहुत आगे तक बढ़ाया जाएगा।”
इस ताजा टकराव ने दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से चल रही शांति वार्ता और हाल ही में हुए संघर्ष विराम के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों को डर है कि यदि यह तनाव तुरंत नहीं थमा, तो क्षेत्र में एक बार फिर भीषण युद्ध छिड़ सकता है।
