पाकिस्तान: अपर साउथ वजीरिस्तान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप, ईद से पहले लोगों का फूटा गुस्सा
पाकिस्तान: अपर साउथ वजीरिस्तान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप, ईद से पहले लोगों का फूटा गुस्सा
इस्लामाबाद/पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अंतर्गत आने वाले अपर साउथ वजीरिस्तान जिले के सरवेकी और बरवंद इलाकों में पिछले कई दिनों से मोबाइल नेटवर्क सिग्नल और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। इस संचार संकट से परेशान स्थानीय लोगों, व्यापारियों और युवाओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा और उन्होंने नागरिक सुविधाओं की बहाली की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
मंगलवार को पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ (Dawn) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सोमवार को हुए इस व्यापक प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी, युवा और व्यापारी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से जारी इस डिजिटल ब्लैकआउट पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
ईद से पहले अपनों से संपर्क का संकट
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले 10 दिनों से इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बाधित हैं। आगामी त्योहार ईद-उल-अजहा के ठीक पहले आई इस तकनीकी खराबी ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। स्थानीय लोग देश के दूसरे हिस्सों या विदेशों में रहने वाले अपने सगे-संबंधियों से त्योहार की खुशियां साझा करने और उनसे बात करने के लिए तरस गए हैं।
व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
इस इंटरनेट बंदी का असर दैनिक जीवन के साथ-साथ क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी पड़ा है:
छात्रों की पढ़ाई ठप: इंटरनेट न होने के कारण छात्र ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, रिसर्च और अपने असाइनमेंट से पूरी तरह कट गए हैं।
व्यापारियों को भारी नुकसान: आज के डिजिटल दौर में व्यापारी इंटरनेट आधारित लेन-देन (Online Transactions) नहीं कर पा रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजार ठप पड़ा है और उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आपातकालीन स्थिति में लाचारी: सबसे बदतर स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की है। नेटवर्क गायब होने के कारण मरीज और उनके परिजन आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों, डॉक्टरों या रेस्क्यू सेवाओं से समय पर संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
खराबी की मुख्य वजह: ‘डॉन’ ने स्थानीय कूटनीतिक और तकनीकी सूत्रों के हवाले से बताया कि स्रारोगा अहमदवाम टावर, जो इस पूरे क्षेत्र में सक्रिय सभी तीन मोबाइल टावरों का मुख्य लिंक (हब) है, उसमें गंभीर तकनीकी खराबी आ गई है। इसी मुख्य लिंक के फेल होने के कारण पूरे इलाके का नेटवर्क ध्वस्त हो गया है।
बलूचिस्तान में भी भड़का छात्रों का आंदोलन
डिजिटल सेवाओं और सरकारी वादों के खिलाफ केवल वजीरिस्तान ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत भी सुलग रहा है। पिछले सप्ताह बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के सब-कैंपस के छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया था।
बड़ी संख्या में छात्रों ने मस्तुंग के डिग्री कॉलेज के बाहर इकट्ठा होकर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) को जाम कर दिया था। छात्रों की दो प्रमुख मांगें थीं:
लैपटॉप वितरण में देरी: छात्रों का आरोप है कि ‘प्रधानमंत्री यूथ लैपटॉप योजना’ के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें महीनों से लैपटॉप नहीं दिए गए हैं।
लंबे समय से इंटरनेट बंदी: मस्तुंग और उसके आसपास के इलाकों में लंबे समय से इंटरनेट बंद होने के कारण छात्र ऑनलाइन कक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।
छात्रों ने पाकिस्तानी प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को तुरंत बहाल नहीं किया गया और उनके हक के लैपटॉप नहीं बांटे गए, तो इस आंदोलन को पूरे प्रांत में और तेज किया जाएगा।
