उत्तराखंड

खटीमा में सीएम धामी ने 89 लाख की योजनाओं का किया लोकार्पण; ‘समान नागरिक संहिता’, ‘एंटी-नकल कानून’ और डेमोग्राफी संरक्षण पर बेबाक बात

खटीमा में सीएम धामी ने 89 लाख की योजनाओं का किया लोकार्पण; ‘समान नागरिक संहिता’, ‘एंटी-नकल कानून’ और डेमोग्राफी संरक्षण पर बेबाक बात

​खटीमा (उधमसिंह नगर): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (25 मई 2026) को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के भ्रमण के दौरान विकासखंड कार्यालय परिसर से क्षेत्र को शिक्षा, खेल और जनसुविधाओं की कई बड़ी सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने कुल 89 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने विकासखंड सभागार में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम’ के तहत पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों के साथ सीधा जनसंवाद किया।

​इस दौरान सीएम धामी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान, डेमोग्राफी को बदलने की कोशिशों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाइयों पर बेहद बेबाक अंदाज में बात की।

​खटीमा को मिलीं ये 3 प्रमुख सौगातें (89 लाख का निवेश)

​मुख्यमंत्री ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित परियोजनाओं का उद्घाटन किया:

​“दीदी की लाइब्रेरी” (लागत: 55 लाख रुपये): यह आधुनिक पुस्तकालय सीमांत व ग्रामीण क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए वरदान साबित होगा जो संसाधनों की कमी से जूझते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहाँ शांत माहौल और पर्याप्त अध्ययन सामग्री मिलेगी। खास बात यह है कि इसका संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।

​आधुनिक व्यायामशाला (लागत: 7.50 लाख रुपये): युवाओं को ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ से जोड़ने, नशामुक्त रखने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए पुराने जिम भवन का नवीनीकरण कर उसे आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।

​विकासखंड सभागार का आधुनिकीकरण (लागत: 26.50 लाख रुपये): स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व सार्वजनिक बैठकों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए ब्लॉक सभागार को हाईटेक बनाया गया है।

​”सड़कों पर नमाज नहीं, मदरसों में चलेगा सरकारी सिलेबस” – कड़े फैसलों पर बोले सीएम

​जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में कानून-व्यवस्था, तुष्टिकरण के खात्मे और कड़े फैसलों पर खुलकर अपनी बात रखी:

​सख्त दंगा रोधी और धार्मिक कानून: सीएम ने कहा, “हमने दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाया है, जिसके तहत नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से ही की जाएगी। सड़कों पर कब्जा कर धार्मिक आयोजन करने वालों पर रोक लगाई गई है और यातायात बाधित कर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर सख्त पाबंदी है।”

​मदरसा बोर्ड समाप्त, 250 मदरसे बंद: मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब राज्य में केवल वही मदरसे चलेंगे जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। शिक्षा के नाम पर अलगाववादी मानसिकता फैलाने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसे बंद कराए जा चुके हैं।

​धर्मांतरण और पाखंड पर वार: राज्य में अवैध धर्मांतरण कराने वाले घुसपैठियों और पाखंडियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके डर से ऐसे तत्व अब खुद राज्य छोड़ रहे हैं।

​लैंड जिहाद पर बड़ा एक्शन: 12 हजार एकड़ सरकारी जमीन मुक्त

​सीएम धामी ने साफ किया कि देवभूमि की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ा प्रहार करते हुए अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी और वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस अभियान के तहत 550 के करीब अवैध मजारों और वन भूमि पर बनी अवैध मस्जिदों को ध्वस्त किया गया है।

​देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ और रिकॉर्ड 32 हजार नौकरियां

​युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया गया था। हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया।

​100 से अधिक नकल माफिया सलाखों के पीछे: पिछले 4 वर्षों में इस कानून के तहत 100 से ज्यादा भूमाफिया और नकल माफिया जेल भेजे गए हैं।

​रिकॉर्ड भर्तियां: पारदर्शी व्यवस्था का ही नतीजा है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

​’लखपति दीदी’ से लेकर ‘एम्स सैटेलाइट सेंटर’ तक: विकास का ब्योरा

​मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से उत्तराखंड में आ रहे आर्थिक बदलावों को भी सामने रखा:

​महिला सशक्तिकरण: राज्य में 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनें “लखपति दीदी” बनकर नया इतिहास रच चुकी हैं।

​इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: गदरपुर-खटीमा बाईपास, नौसर पुल, अत्याधुनिक बस स्टैंड और चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

​स्वास्थ्य और उद्योग: किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क और काशीपुर में अरोमा पार्क की स्थापना से पूरे क्षेत्र के विकास को गति दी जा रही है।

​किसानों को राहत: जमरानी बांध परियोजना का काम दोबारा शुरू कर तराई क्षेत्र की सिंचाई समस्या का समाधान किया गया है और गन्ना किसानों के लिए समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

​सीएम धामी ने अंत में दोहराया कि देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का उनका “विकल्प रहित संकल्प” जारी रहेगा और खटीमा की जनता इसमें हमेशा की तरह अपना पूरा सहयोग देती रहेगी।

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