उत्तराखंड

चार साल में 30 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: सीएम धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं

चार साल में 30 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: सीएम धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले चार वर्षों के दौरान विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हुए प्रदेश के युवाओं को एक विशेष डिजिटल पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस खास मौके पर सीएम धामी ने कई चयनित युवाओं से फोन (दूरभाष) पर सीधे बात भी की और उन्हें उत्साहपूर्वक जनसेवा में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

​जनादेश के बाद शुरू हुआ सरकारी नौकरियों का महाअभियान

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए लिखा:

​”वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने हमें दूसरी बार मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा था। इस बड़े जनादेश की भावना का सम्मान करते हुए, हमने कार्यभार ग्रहण करने के पहले दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने का संकल्प लिया। इसी के तहत सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती का एक व्यापक अभियान शुरू किया गया।”

​मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निरंतर जारी अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने साफ किया कि युवाओं को रोजगार देने का यह अभियान आगे भी इसी रफ्तार से जारी रहेगा।

​नकल विरोधी कानून और पारदर्शी व्यवस्था से मिला प्रतिभा को सम्मान

​सीएम धामी ने सरकारी सेवाओं में आ रहे बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तराखंड का युवा किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के दम पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहा है।

​उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग्य युवाओं के चयन में जहां एक ओर उनकी खुद की मेहनत है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया कठोर नकल विरोधी कानून भी बेहद मददगार साबित हुआ है। इस कानून और निष्पक्ष, ईमानदार व पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने राज्य की युवा प्रतिभाओं को उनका उचित और वास्तविक हक मिलना सुनिश्चित किया है।

​”मानवीय मूल्यों के साथ करें आमजन की सेवा”

​मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत में नवनियुक्त कार्मिकों को उनके सामाजिक और प्रशासनिक दायित्वों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चुना जाना न केवल संबंधित कार्मिकों के परिवारों के लिए, बल्कि राज्य सरकार के लिए भी एक अत्यंत गौरवपूर्ण और महत्वपूर्ण क्षण है।

​उन्होंने सभी नए कर्मचारियों से पूरी तरह निष्पक्ष और ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। सीएम धामी ने कहा कि एक सरकारी सेवक के रूप में सभी को हमेशा मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखना चाहिए और आम जनता की समस्याओं के समाधान व उनकी सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।

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