‘वंदे मातरम’ के छह छंदों पर छिड़ा सियासी घमासान: कांग्रेस-CPI ने 2 छंदों की परंपरा का किया बचाव; BJP ने उमर और फारूक अब्दुल्ला की तारीफ की
‘वंदे मातरम’ के छह छंदों पर छिड़ा सियासी घमासान: कांग्रेस-CPI ने 2 छंदों की परंपरा का किया बचाव; BJP ने उमर और फारूक अब्दुल्ला की तारीफ की
नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद (stanzas) गाने के केंद्र सरकार के नए फैसले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने उम्मीद जताई कि अन्य राजनीतिक दल भी स्वतंत्रता संग्राम के समय से चले आ रहे दो छंदों को गाने की स्थापित परंपरा का ही अनुपालन करेंगे। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के रुख की सराहना की।
1. कांग्रेस और वामदल का रुख: ‘दो छंद ही एकजुटता के प्रतीक’
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का बयान: पवन खेड़ा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा तय किए गए ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो छंद देश को एकजुट करने का काम करते हैं। कांग्रेस शासित राज्यों में इन्हीं दो छंदों का गायन होता है और सहयोगियों से भी इसी परंपरा को जारी रखने की उम्मीद है।
CPI सांसद पी. संतोष की प्रतिक्रिया: राज्यसभा सांसद पी. संतोष ने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपना रुख तय करने का अधिकार है। उन्होंने अपील की कि ‘वंदे मातरम’ पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय देश के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
2. भाजपा का कांग्रेस पर हमला और फारूक-उमर अब्दुल्ला की सराहना
फारूक व उमर अब्दुल्ला को सलाम: भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि नीतिगत मतभेदों के बावजूद फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला सम्मान के हकदार हैं, क्योंकि वे केंद्र के नए फैसले का पालन करते हुए पूरे छह छंदों के गायन के दौरान सम्मान में खड़े रहे।
बिहार के मंत्री का तंज: बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर देश की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
भाजपा की नसीहत: बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस को अपने सहयोगियों से सीखना चाहिए, क्योंकि देश कानून और संविधान के हिसाब से चलेगा, न कि कांग्रेस की मर्जी से।
