नेपाल बाढ़ संकट: चिलिमे सुरंग में भारतीय टनल रेस्क्यू टीम का राहत-बचाव अभियान जारी; भारत ने भेजी 95 टन राहत सामग्री
नेपाल बाढ़ संकट: चिलिमे सुरंग में भारतीय टनल रेस्क्यू टीम का राहत-बचाव अभियान जारी; भारत ने भेजी 95 टन राहत सामग्री
काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत एक पड़ोसी और मित्र देश के नाते लगातार राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में अग्रिम भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, चिलिमे स्थित सुरंग (Tunnel) में फंसे लोगों को निकालने और मलबे से निपटने के लिए भारत की संयुक्त तकनीकी और टनल रेस्क्यू टीम बुधवार को भी पूरी तत्परता से जुटी रही।
1. चिलिमे सुरंग में जारी राहत-बचाव अभियान
पानी और कीचड़ हटाने का काम जारी: सुरंग की तीव्र ढलान और भीतर आवाजाही की कठिन चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेस्क्यू टीम आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पानी निकालने और कीचड़ साफ करने के काम में जुटी हुई है।
भारी मशीनों के लिए अस्थायी रास्ता: सुरंग की सफाई के लिए भारी मशीनरी को भीतर ले जाने हेतु एक अस्थायी मार्ग तैयार किया जा रहा है, जो अगले 2 से 3 दिनों में बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
2. भारतीय फोरेंसिक टीम का महत्त्वपूर्ण कार्य
1,400 से अधिक DNA नमूनों की जाँच: काठमांडू में तैनात भारतीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम आपदा में लापता और मृतकों की पहचान के लिए 1,400 से अधिक डीएनए (DNA) नमूनों का विश्लेषण कर रही है।
378 प्रोफाइल तैयार: भारतीय टीम अब तक सफलतापूर्वक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार कर चुकी है, जिससे परिजनों को शव सौंपने और पहचान प्रक्रिया में तेज़ी आई है।
3. भारत की ओर से मानवीय सहायता और विदेश मंत्रालय का बयान
95 टन सामग्री एवं 7 विमान: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अब तक 7 सैन्य विमानों के ज़रिए 95 टन राहत और आपातकालीन सामग्री नेपाल भेज चुका है। जल्द ही और मदद वहाँ भेजी जाएगी।
नेपाल के साथ एकजुटता: रणधीर जायसवाल ने दोहराया कि भारत एक करीबी पड़ोसी होने के नाते नेपाल की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत, बचाव व पुनर्निर्माण अभियानों में हरसंभव सहायता जारी रखेगा।
