Wednesday, September 9, 2026
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आकाश आनंद की वापसी पर मायावती की शर्त: ‘अशोक सिद्धार्थ राजनीति से लें संन्यास, तभी जिम्मेदारियों पर होगा सहानुभूतिपूर्वक विचार’

आकाश आनंद की वापसी पर मायावती की शर्त: ‘अशोक सिद्धार्थ राजनीति से लें संन्यास, तभी जिम्मेदारियों पर होगा सहानुभूतिपूर्वक विचार’

​लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के पूर्व नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मायावती ने साफ किया है कि यदि आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को छोड़कर सक्रिय राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेते हैं, तभी पार्टी आकाश आनंद को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

​1. अशोक सिद्धार्थ पर निजी स्वार्थ और अनुशासनहीनता का आरोप

​पारिवारिक स्वार्थ को तवज्जो देने का आरोप: बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (X) पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ को सुधरने के कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने बसपा मूवमेंट और मिशन से ज्यादा अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी।

​आकाश आनंद के नुकसान के जिम्मेदार: मायावती ने लिखा कि अशोक सिद्धार्थ के इस रवैये का खामियाजा न सिर्फ उन्हें, बल्कि उनके दामाद आकाश आनंद और पूरे बसपा आंदोलन को भुगतना पड़ा। उन्हें त्याग और समर्पण की मिसाल पेश करनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट काम किया गया।

​2. यूपी, उत्तराखंड और पंजाब चुनावों का दिया हवाला

​अति-महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव: मायावती ने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा आम चुनाव बेहद करीब हैं। ये राज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के ‘बहुजन समाज’ के आत्म-सम्मान के कारवां के लिए अति-विशेष हैं।

​विरोधी ताकतों व जातिवादी चुनौतियों से सचेत रहने की अपील: उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब आरक्षण और बहुजन अधिकारों पर विरोधी पार्टियों का दबाव है, दलित समाज व बसपा समर्थकों को ऐसा कोई निजी काम नहीं करना चाहिए जो आंदोलन की राह में रुकावट बने।

​3. ‘राजनीति से संन्यास लें अशोक सिद्धार्थ, तब फ्री होकर काम करेंगे आकाश’

​संन्यास की शर्त: मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अपने परिवार और दामाद आकाश आनंद के भविष्य को बचाने का अभी भी मौका है। यदि वे राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेते हैं, तभी आकाश आनंद बिना किसी दबाव के स्वतंत्र होकर पार्टी में काम कर पाएंगे।

​पार्टी में आम राय: बसपा प्रमुख ने कहा कि यदि अशोक सिद्धार्थ राजनीति छोड़ते हैं, तो पार्टी में बनी आम राय के अनुसार आकाश आनंद को पुनः सक्रिय भूमिका और जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जाएगा।

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