Wednesday, September 9, 2026
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पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे: BJP चलाएगी एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’; राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की घोषणा

पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे: BJP चलाएगी एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’; राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की घोषणा

​नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की औपचारिक घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी 7 अक्टूबर 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। इस उपलक्ष्य में भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश में एक महीने का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी।

​1. ‘सेवा संकल्प अभियान’ की मुख्य बातें

​अवधि: 17 सितंबर (पीएम मोदी के जन्मदिन/सेवा दिवस) से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक।

​उद्देश्य: प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों की सेवा यात्रा, विकास कार्यों, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाना।

​2. प्रेस वार्ता में नितिन नवीन द्वारा रेखांकित पीएम मोदी के 25 वर्ष के प्रमुख पड़ाव

​गुजरात मॉडल से देश का विकास: 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद नर्मदा परियोजना से जल आपूर्ति और ‘वाइब्रेंट गुजरात’ से निवेश का जो मॉडल स्थापित हुआ, उसे आज पूरे देश में लागू किया गया है।

​’फ्रैजाइल फाइव’ से सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था: 2014 से पहले निराशा और नीतिगत अपाहिजपन के दौर से निकालकर भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाया गया।

​युवा और स्टार्टअप्स का उभार: ‘जॉब सीकर’ से युवाओं को ‘जॉब गिवर’ बनाया गया, जिससे भारत आज दुनिया का प्रमुख स्टार्टअप हब और यूनिकॉर्न का केंद्र बना है।

​महिला-नेतृत्व विकास (Women-led Development): ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘लखपति दीदी’ से लेकर ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं की राजनीतिक व आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित की गई।

​सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सीमांत सोच में बदलाव: राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकाल कॉरिडोर्स के जरिए सांस्कृतिक विरासत को सहेजा गया। वहीं, देश के सीमावर्ती गांवों को ‘आखिरी गांव’ के बजाय ‘भारत का पहला गांव’ घोषित कर नई पहचान दी गई।

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