मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे ने दी मुंबई कूच की चेतावनी, बोले— ‘सरकार को घुटनों पर लाएंगे; आंदोलनकारी न करें आत्महत्या या हिंसा’
मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे ने दी मुंबई कूच की चेतावनी, बोले— ‘सरकार को घुटनों पर लाएंगे; आंदोलनकारी न करें आत्महत्या या हिंसा’
छत्रपति संभाजीनगर/मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने मराठा समाज से एकजुट होकर मुंबई कूच के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि आंदोलनकारी सरकार को घुटनों पर लाकर रहेंगे। इसके साथ ही जरांगे ने आरक्षण समर्थकों से किसी भी स्थिति में आत्महत्या, हिंसा या आगजनी न करने की भावुक अपील की है।
1. आंदोलनकारियों से शांति और जीवन रक्षा की अपील
आत्महत्या न करने की विनती: मनोज जरांगे ने हाथ जोड़कर अपील की, “कोई भी मराठा भाई हताश होकर आत्महत्या न करे। यदि हम जान गंवाते हैं, तो सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना है और जीतना है।”
अहिंसा का मार्ग: उन्होंने कार्यकर्ताओं से रास्ता रोको (चक्का जाम), तोड़फोड़ या आगजनी जैसी हिंसक गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने और शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराने को कहा।
2. राज्य सरकार व नेताओं पर गंभीर आरोप
’वर्षा’ आवास की बैठक पर आशंका: जरांगे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई बैठक में मराठा आंदोलन को कुचलने और आंदोलनकारियों पर कार्रवाई या गोलीबारी तक का फैसला लिया गया है।
मंत्री विखे पाटिल पर निशाना: उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल छत्रपति संभाजीनगर में रहकर मराठा समाज के खिलाफ रणनीतिक साजिशें रच रहे हैं।
सरकार की भूमिका मराठा विरोधी: जरांगे ने दावा किया कि वर्तमान सरकार मराठों को खत्म करने और उनके अधिकारों को दबाने की नीति पर काम कर रही है।
3. ‘आरक्षण लिए बिना चुप नहीं बैठूंगा’
जरांगे ने स्पष्ट किया कि चार दिन की देरी हो सकती है, लेकिन वे मराठा समाज को आरक्षण दिलाए बिना पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार चाहे जितने बहकावे या हथकंडे अपना ले, मराठा समाज अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगा और मुंबई आकर अपना अधिकार लेकर रहेगा।
