उज्जैन में हनुमान मंदिर हटाने की कोशिश पर भड़के संत: फिरोजाबाद के संतों ने उठाए सवाल; 170 साल पुरानी प्रतिमा न हिलने को बताया ‘चमत्कार’
उज्जैन में हनुमान मंदिर हटाने की कोशिश पर भड़के संत: फिरोजाबाद के संतों ने उठाए सवाल; 170 साल पुरानी प्रतिमा न हिलने को बताया ‘चमत्कार’
फिरोजाबाद/उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान एक प्राचीन हनुमान मंदिर और उनकी प्रतिमा को हटाने के प्रशासनिक प्रयास पर धार्मिक संतों ने कड़ा ऐतराज जताया है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में महंत मनीष भारद्वाज और पुजारी रामकुमार ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए प्रतिमा को हटाने के बजाय यथास्थान बनाए रखने या वहीं पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
1. 170 साल पुरानी प्रतिमा न हिलने को बताया चमत्कार
2 दिनों की कोशिश रही नाकाम: सिंहस्थ कुंभ 2028 की प्रशासनिक तैयारियों के तहत मार्ग व्यवस्थित करने के लिए उज्जैन में एक लगभग 170 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया था।
भक्तों और संतों का दावा: पुजारी रामकुमार ने दावा किया कि दो दिनों तक निरंतर प्रयास करने के बावजूद प्रशासन और मशीनरी प्रतिमा को अपनी जगह से हिला भी नहीं सकी। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह घटनाक्रम हनुमान जी की कृपा और चमत्कार के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है।
2. संतों की चेतावनी और धार्मिक ग्रंथों का हवाला
’कलयुग के प्रधान देव से न हो छेड़छाड़’: महंत मनीष भारद्वाज ने कहा कि कलयुग में हनुमान जी प्रधान देव हैं। मान्यता रही है कि जहां-जहां हनुमान जी की प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई गई या उनके स्थान से छेड़छाड़ हुई है, वहां दुष्परिणाम देखने को मिले हैं।
रामायण और सुंदरकांड के प्रसंग: संतों ने रामायण और सुंदरकांड के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान जी सूक्ष्म से लेकर अति विशाल रूप धारण करने वाले असीम शक्तिशाली देवता हैं। प्रशासन को हठधर्मिता छोड़कर प्रार्थना और धार्मिक विधि-विधान के साथ ही कोई कदम उठाना चाहिए।
3. प्रशासन से मांग: यथास्थान हो पुनर्निर्माण
यथास्थान बने मंदिर: फिरोजाबाद के संतों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं में थोड़ा बदलाव किया जाए और जहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, उसे वहां से हटाने के बजाय उसी स्थान पर नए सिरे से सुंदर मंदिर का निर्माण कराया जाए।
